आशु भटनागर। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण में हो रही देरी को लेकर यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने अब सख्त रुख अपना लिया है। निर्धारित समय पर फाइनेंशियल क्लोजिंग न करने पर यीडा ने विकासकर्ता कंपनी ‘बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रा. लि.’ पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कंपनी पर अब प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।
यमुना प्राधिकरण के साथ हुए अनुबंध के तहत कंपनी को 31 जनवरी तक फिल्म सिटी परियोजना की निर्माण लागत 1510 करोड़ रुपये का प्रबंध कर यीडा को रिपोर्ट देनी थी। हालांकि, तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कंपनी फाइनेंशियल क्लोजिंग पूरा नहीं कर पाई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। यीडा ने फिल्म सिटी परियोजना को पूरा करने के लिए कंपनी को तीन साल का समय दिया है, लेकिन शुरुआती चरण में ही आ रही यह बाधा परियोजना की गति पर सवाल खड़े कर रही है।
एनसीआर खबर विश्लेषण: परियोजना पर क्यों मंडरा रहा है संकट?
स्थानीय रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा विकास के विशेषज्ञों का मानना है कि यीडा द्वारा लगाया गया यह जुर्माना केवल एक वित्तीय दंड नहीं है, बल्कि यह विकासकर्ताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों के अनुसार, फिल्म सिटी जैसी विशाल परियोजनाओं में फाइनेंशियल क्लोजिंग एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसमें देरी का सीधा असर निर्माण कार्य की शुरुआत पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि यदि समय रहते कंपनी ने अपनी वित्तीय व्यवस्था नहीं की, तो परियोजना की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। यीडा द्वारा अब सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) का पैनल तैयार किया जा रहा है, जिसमें से कंपनी को एक सीए नियुक्त करना होगा। यह सीए परियोजना के खर्च पर निगरानी रखेगा। साथ ही, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र इंजीनियरिंग एजेंसी भी नियुक्त की जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यीडा का यह कदम पारदर्शिता लाने और परियोजना को पटरी पर लाने के लिए सराहनीय है, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट है कि प्राधिकरण को अब विकासकर्ताओं पर कड़ी नजर रखनी होगी।
जल्द शुरू होगी ‘माम-2’ की शूटिंग
हालांकि निर्माण कार्य में देरी है, लेकिन फिल्म सिटी के एक हिस्से की भूमि में कथित तोर पर जल्द ही फिल्म शूटिंग शुरू करने का शिगूफा जनवरी से दिया जा रहा है। बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी के महाप्रबंधक राजीव अरोड़ा ने भी दावा किया कि इसी माह या मार्च के शुरुआत में बोनी कपूर की फिल्म ‘माम-2’ की शूटिंग यहां शुरू होगी। कंपनी ने जमीन की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है और करीब 20 दिनों के भीतर सेट तैयार कर लिया जाएगा।
कम्पनी का ये दावा भी बस एक छल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शूटिंग शुरू करने से परियोजना को गति कैसे मिलेगी क्योकि अस्थायी सेट और स्थायी फिल्म सिटी के निर्माण आधार नहीं हो जाता है।
स्थानीय प्रभाव
ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए फिल्म सिटी एक बड़ा अवसर है। इसके पूरा होने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वर्तमान में जुर्माने और निर्माण में देरी की खबरें स्थानीय निवासियों और संभावित निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं। यीडा और कंपनी दोनों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य करें ताकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ स्थानीय समुदाय को मिल सके।
कंपनी का कहना है कि फाइनेंशियल क्लोजिंग हो गई है और अगली बोर्ड बैठक में इसकी रिपोर्ट रखी जाएगी। अब देखना यह है कि यीडा की सख्ती के बाद फिल्म सिटी का निर्माण कार्य कब तक तेजी से शुरू होता है और क्या कंपनी अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर पाती है।


