आशु भटनागर । उत्तर प्रदेश के नोएडा में बन रहे बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एरोड्रम लाइसेंस मिल गया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन का मार्ग प्रशस्त करता है। लंबे समय से इस लाइसेंस का इंतजार किया जा रहा था, और अब इसके मिलने के बाद एयरपोर्ट के जल्द उद्घाटन की संभावनाएं बढ़ गई हैं, माना जा रहा है कि नवरात्रि या मार्च के अंतिम रविवार को इसका उद्घाटन हो सकता है। यद्यपि सही तिथि पूर्ण रूप से प्रधानमंत्री से कार्यक्रम मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी।
DGCA ने पुष्टि की है कि यह एरोड्रम लाइसेंस यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) को प्रदान किया गया है। YIAPL, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की एक सहायक कंपनी है, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कर रही है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है।

एरोड्रम लाइसेंस मिलने का सीधा अर्थ है कि अब नोएडा एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू किए जा सकते हैं। यानी, अब यहां से विमानों का उड़ान भरना और उतरना संभव हो सकेगा। इस लाइसेंस से पहले, नोएडा एयरपोर्ट को सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी मिल चुका था, जिसने एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने का रास्ता साफ कर दिया था।

एरोड्रम लाइसेंस मिलने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन और संचालन का रास्ता साफ हो गया है। अब इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री से अनुमति मिलते ही कभी भी किया जा सकता है । वही लाइसेंस मिलने के 45 दिन के बाद यहां से व्यावसायिक उड़ान संचालित होने लगेंगी
शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यमुना प्राधिकरण
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनाना है। इस परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी शामिल होगा। पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की होगी।
सभी चरण पूरे होने के बाद, इस एयरपोर्ट पर हर साल 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्री आ सकेंगे। यह दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरेगा, जो क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।


