ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले डूब क्षेत्र और सभी गांव के क्षेत्र में बसने वाली अवैध कॉलोनीयों में प्लॉट, विला ओर फ्लैट खरीदने वाले लोगों को सचेत करने के लिए एनपीसीएल ने जागरूकता अभियान शुरू किया है । एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज झा ने मीडिया को बताया कि डूब क्षेत्र और अवैध कालोनियों में कनेक्शन नहीं दिया जाता है।
इसके लिए एनपीसीएल की ओर से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वह अवैध कॉलोनी में संपत्ति खरीदने से बचे, ताकि बिजली समेत अन्य सुविधाओं से वंचित न होना पड़े । एनपीसीएल ने कहा कि डूब क्षेत्र और गांव में बसने वाले अवैध कलानियों में लोगों को बिजली समेत तमाम सुविधाओं का प्रलोभन दिया जा रहा है, दिखावे के लिए बिजली के खंभे आदि भी अवैध कॉलोनाइजर की ओर से लगाए जा रहे हैं जबकि सच यह है कि एनपीसीएल सिर्फ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अनुमोदित कॉलोनी में ही कनेक्शन जारी कर सकती है ।

दरअसल नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में के गांव और डूब क्षेत्र में अवैध कालोनियां कोई नई बात नहीं है। क्षेत्र में कथित तौर पर किसान और भूमाफिया मिलकर खेती की जमीन को प्लाटिंग, फ्लैट्स और विला बनाकर बेच देते हैं उनके बड़े-बड़े दावों और प्रलोभनों के बीच बाहर से आया आम गरीब आदमी फंस जाता है। ग्रेटर नोएडा की तमाम मुख्य सड़कों पर ऐसे लोगों के एजेंट सस्ते दामों में प्लॉट लेकर अपना घर बनाने के लालच लोगों को देते रहते हैं।
पिछले दिनों दादरी विधायक तेजपाल नागर ने भी एक प्रेस वार्ता के दौरान इस स्वीकार किया था कि उनके क्षेत्र के 40% हिस्से में अवैध कालोनियां काटी जा रही है। और समय आने पर सरकार इनको गिराएगी । इसके बाद अब एचपीसीएल ने लगातार लोगों को अवैध कॉलोनी में बिजली कनेक्शन को लेकर एचपीसीएल का रुख स्पष्ट करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।


