नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन के बावजूद, स्थानीय निवासियों और यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम (ASP) को अभी तक मंजूरी न मिलना है। यह देरी उन हजारों लोगों की उम्मीदों को झटका दे रही है, जो इस अत्याधुनिक एयरपोर्ट से जल्द हवाई सेवा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट की विकासकर्ता और संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (यापल) के सीईओ का विदेशी नागरिक होना इस मंजूरी के आड़े आ रहा है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के नियमों के तहत, एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम की स्वीकृति के लिए संचालक कंपनी का सीईओ भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। बदलते वैश्विक परिवेश में इसका होना आसन नहीं लग रहा है।
यापल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन एक स्विस नागरिक हैं। यापल, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की भारतीय एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) है और यह शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) वाली परियोजना है, जिसका गठन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण एवं संचालन के लिए किया गया है। 8 मार्च को यापल ने एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम के लिए आवेदन किया था, लेकिन सीईओ के विदेशी नागरिक होने की अनिवार्यता के चलते इसे अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
लोगो की उम्मीदों पर फिर गया पानी, इंतजार बढ़ा
नागर विमानन महानिदेशालय ने 6 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया था, जिसके बाद जल्द विमान सेवा शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गई थीं। 8 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट का लोकार्पण भी किया था, जिससे नोएडा और इसके पास के 15 जिलो के लोगो में उत्साह और बढ़ गया था। हालांकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम जारी होने के एक से डेढ़ माह बाद ही विमान उड़ान भर सकेंगे। ऐसे में यात्रियों का इंतजार कई महीनो लंबा खींचने वाला है।
अधिकारियों का दावा है कि एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम की स्वीकृति के लिए समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रोग्राम के जारी होने के बाद ही एयरलाइंस समेत एयरपोर्ट के ऑपरेशन से जुड़ी सभी एजेंसियों को अपने कर्मचारियों के लिए एयरपोर्ट एंट्री पास जारी कराने होते हैं। इन पास के लिए उन्हें नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो में आवेदन करना होता है, जिसके आधार पर ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा उन्हें एयरपोर्ट में प्रवेश की अनुमति मिलती है। इस प्रक्रिया में भी समय लगता है।
ऐसे में फिलहाल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई परिचालन की शुरुआत के लिए स्थानीय निवासियों और संभावित यात्रियों को लम्बा धैर्य रखना होगा, क्योंकि नियामक बाधाओं को दूर किए बिना विमानों का उड़ान भरना संभव नहीं होगा।


