मुंबई: भारतीय संगीत जगत की महान और बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका आशा भोसले का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने 90 वर्ष की आयु में मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से सीने में गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती थीं। उनके निधन की खबर से पूरे देश और संगीत प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले को कुछ हफ्ते पहले स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही थी, लेकिन सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत का प्रतीक है। उन्होंने अपनी जादुई आवाज़ और बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज किया। पांच दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर में, उन्होंने 1000 से अधिक फिल्मों के लिए गाने गाए और 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में रिकॉर्डिंग की।
अपनी बड़ी बहन और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की तरह, आशा भोसले ने भी खुद को संगीत की हर विधा में सिद्ध किया। उन्होंने शास्त्रीय, गजल, लोकगीत, क़व्वाली से लेकर पॉप और डिस्को संगीत तक, हर शैली में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके गाए गाने जैसे ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘रातों को चोरी चोरी’ आज भी श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं और सदाबहार माने जाते हैं।
उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण और कई फिल्मफेयर पुरस्कारों से भी नवाजा गया था।
आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई होना असंभव है। उनके निधन पर फिल्म और संगीत जगत की हस्तियों के साथ-साथ उनके असंख्य प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।


