ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अपनी आगामी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राधिकरण को जमीन खरीद के लिए ₹2800 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया है। इस सहायता से यीडा को मास्टर प्लान 2041 के तहत नियोजित नए सेक्टरों में भूमि अधिग्रहण और किसानों को मुआवजा वितरण में मदद मिलेगी।
यह पहली बार नहीं है जब यीडा को प्रदेश सरकार से वित्तीय सहायता मिली है। प्राधिकरण इससे पहले भी मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना के तहत ऋण ले चुका है। हाल ही में, यीडा को गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीदने हेतु ₹1209 करोड़ प्राप्त हुए थे, जो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन की मांग में हर साल लगातार तेजी आ रही है। विशेषकर, 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद औद्योगिक निवेश के लिए भूमि की मांग में और इजाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, जमीन खरीद के बदले किसानों को समय पर मुआवजा वितरित करने के लिए भारी-भरकम राशि का बंदोबस्त करना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है।
आगामी वित्त वर्ष, जो 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है, के लिए प्राधिकरण ने जमीन खरीद मद में कुल ₹8000 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यीडा ने प्रदेश सरकार से ब्याज मुक्त ऋण का अनुरोध किया था, जिसके तहत उसे यह महत्वपूर्ण ₹2800 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं।
यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस रकम का उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक सेक्टरों में जमीन खरीदने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जिन औद्योगिक सेक्टरों में पूर्व में भूखंड आवंटित हो चुके हैं, वहां शेष बची जमीन खरीद कर या अधिग्रहण कर औद्योगिक निवेश के लिए आवंटित की जाएगी।”
प्राधिकरण ने अभी तक सेक्टर 21, 24, 24ए, 32, 33, 28, 29, 11, 10, 8, 8डी जैसे विभिन्न सेक्टरों में जमीन खरीद और आवंटन का कार्य किया है। भविष्य की योजनाओं में, यीडा का लक्ष्य सेक्टर 8एफ और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास नियोजित अन्य सेक्टरों में जमीन खरीदना है। इसके साथ ही, प्राधिकरण मल्टी-पर्पज लैंड यूज (बहुउद्देशीय भूमि उपयोग) श्रेणी के सेक्टरों में भी जमीन का अधिग्रहण करेगा।
नई मल्टी-पर्पज लैंड यूज श्रेणी के लिए आवंटन दरें तय करने हेतु प्राधिकरण ने एसीईओ मनीष मीणा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है, जिसे बोर्ड की स्वीकृति मिली है। यह उम्मीद की जा रही है कि अगली बोर्ड बैठक में आवंटन दरें तय होने के बाद इस श्रेणी के सेक्टरों में भी जमीन का आवंटन शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।


