नोएडा। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2027 में अब आठ माह से भी कम समय शेष है। ऐसे में नोएडा के विधायक पंकज सिंह, जो अक्सर अपने कार्यकाल के दौरान जनता के बीच अपनी कम उपस्थिति के लिए चर्चा में रहते हैं, उन्हें अब शहर में अधूरे पड़े विकास कार्यों की सुध आने लगी है। बुधवार को विधायक पंकज सिंह दिल्ली के मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक बन रहे 5.570 किलोमीटर लंबे चिल्ला एलिवेटेड रोड का निरीक्षण करने पहुंचे।
नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों के साथ इस औचक निरीक्षण के दौरान विधायक ने परियोजना की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। सोये हुए विपक्ष के बीच इस दौरे को लेकर स्थानीय निवासियों में यह चर्चा गर्म है कि आखिर पूरे पांच साल तक इस महत्वपूर्ण परियोजना पर उदासीनता बरतने के बाद, चुनावी माहौल गरमाते ही विधायक को इसकी याद क्यों आई है।
परियोजना की स्थिति और भविष्य की योजनाएं
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने विधायक को बताया कि 892.75 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 6 लेन एलिवेटेड रोड का लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा कर यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। यह एलिवेटेड रोड शहादरा ड्रेन के साथ महामाया फ्लाईओवर तक बनाया जाना है। इसके आगे एक और एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है, जिससे सेक्टर-94 तक सीधा आवागमन संभव होगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली के मयूर विहार से नोएडा सेक्टर-150 की ओर जाने वाले ट्रैफिक को भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी और वाहनों का संचालन निर्बाध गति से हो सकेगा। विधायक ने मौके पर लगे नक्शा बोर्ड पर प्रस्तावित और हो चुके कार्यों को भी देखा।
छह साल पुराना प्रोजेक्ट, तीन साल तक रहा ठप
चिल्ला एलिवेटेड रोड का शिलान्यास वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, हालांकि वास्तविक काम जून 2020 में शुरू हुआ। प्रारंभिक लक्ष्य दिसंबर 2022 तक निर्माण कार्य पूरा करने का था, लेकिन नवंबर 2021 तक मात्र 13 प्रतिशत काम ही हो पाया। इस बीच, प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी के बीच लागत को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग तीन वर्षों तक काम पूरी तरह से ठप रहा।

इसके बाद नए सिरे से टेंडर जारी कर एजेंसी का चयन किया गया और करीब एक साल पहले काम फिर से शुरू हुआ है। अब इसे अगले वर्ष दिसंबर तक तैयार करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत निगरानी में है, और उनके निर्देश पर हर महीने इसके काम की समीक्षा होती है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ने 28 अप्रैल को भी एक बैठक ली थी। इस उच्चस्तरीय निगरानी के बावजूद, स्थानीय विधायक का निरीक्षण इसे अब चुनावी दौरा बता रहा है।
वही नोएडा के निवासी अब यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर विकास कार्यों पर सक्रियता बनाए रखने के लिए हमेशा चुनावी मौसम का इंतजार करना पड़ता है, या फिर विकास कार्य पूरे कार्यकाल के दौरान प्राथमिकता पर बने रहते हैं।


