नोएडा के राजनीतिक गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने स्थानीय समाज और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने इस बार ब्राह्मण समाज को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जो उन्हें समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य से भी दस कदम आगे ले गई है। उनकी टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज खासा रोष व्यक्त कर रहा है और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में उनके द्वारा कथित रूप से कहा गया कि “एक वेश्या से नीचे ब्राह्मण की औकात है” और “वेश्या भली हो सकती है लेकिन ब्राह्मण भला नहीं हो सकता।”। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसकी तीखी आलोचना हो रही है। इस बयान के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने भाटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब भाटी ने ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाया हो। बीते कई वर्षों से राजकुमार भाटी लगातार ब्राह्मण समाज के प्रति अपनी कुंठा को सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित करते रहे हैं। क्षेत्र में गुर्जर समाज की राजनीति करने वाले भाटी की इन टिप्पणियों को लेकर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध शुरू हो गया है।

उनकी अतिवादी टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोग लगातार उनसे माफी मांगने की मांग कर रहे हैं और उनके बयानों की निंदा कर रहे हैं।

स्थानीय ब्राह्मण और गुर्जर नेताओं का इस मामले पर कहना है कि दादरी विधान सभा में गुर्जर समाज की राजनीती और उससे भी नकारे जाने वाले राजकुमार भाटी अपनी अति महत्वाकांक्षा में क्षेत्र में ब्राह्मण और गुर्जर समुदाय के बीच दरार पैदा करने का कार्य करते रहे हैं। उनका मानना है कि भाटी शायद इस विरोध का आनंद ले रहे होंगे क्योंकि सोशल मीडिया पर यह कहा जाता है कि जिस व्यक्ति का जितना बड़ा विरोध होता है, उसको उतना ही अधिक प्रचार मिलता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने समाजवादी पार्टी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या समाजवादी पार्टी, जिसने पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों पर कार्रवाई की थी, राजकुमार भाटी पर भी वैसा ही एक्शन लेगी, या फिर ब्राह्मण समुदाय के विरुद्ध उनके साथ खड़ी हो जाएगी। इस घटना से क्षेत्र में राजनीतिक पारा गरमा गया है और सभी की निगाहें समाजवादी पार्टी के अगले कदम पर टिकी हैं।


