नोएडा में पहली मानसूनी बारिश के बाद हुए जलभराव और खराब जल निकासी की व्यापक शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, नोएडा विधायक एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह ने आज नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सेक्टर-27 स्थित क्लब में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून सत्र के दौरान शहरवासियों को जलभराव एवं साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना था।
बैठक में शहर के उन हॉटस्पॉट्स पर विशेष चर्चा की गई, जहां अक्सर जलभराव की स्थिति बनती है। इनमें प्रमुख चौराहे, अंडरपास और निचले इलाके शामिल हैं। प्राधिकरण की कार्यशैली पर मिली शिकायतों के बाद विधायक पंकज सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि भारी वर्षा के दौरान इन चिन्हित स्थानों पर अग्रिम रूप से हाई-ड्यूटी पंपों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं भी पानी का जमाव न हो और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
समीक्षा बैठक में मुख्य नालों की सफाई कार्यों में तेजी लाने, सेक्टरों और ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों की नियमित सफाई, स्वच्छता व्यवस्था की सतत निगरानी और नालों के ओवरफ्लो तथा पानी के बैक मारने जैसी समस्याओं के स्थायी एवं तकनीकी समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। पंकज सिंह ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोएडा के नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जलभराव व स्वच्छता से संबंधित समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राधिकरण के स्वच्छता सर्वेक्षण के दावे बनाम जमीनी हकीकत
बैठक के दौरान, जहां एक ओर विधायक पंकज सिंह जलभराव और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे, वहीं नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने अपने बचाव में विगत वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में प्राप्त उच्च रैंक और किए गए कार्यों का दावा किया। स्वच्छता सर्वेक्षण में लगे जीएम एसपी सिंह ने बताया कि सुपर स्वच्छ लीग में वर्ष 2024 में नोएडा संपूर्ण उत्तर प्रदेश में एकमात्र शहर है जिसने उच्च रैंक प्राप्त की है। उन्होंने दावा किया कि प्राधिकरण द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 900 टन कूड़ा इकट्ठा कर निस्तारण के लिए भेजा जाता है। इसी प्रकार, प्रतिदिन 400 टन सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट का निस्तारण भी किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, संपूर्ण नोएडा में विभिन्न ज़ोनों में विभाजित नालों की जोनवार सफाई प्रगति पर है और सभी नालों की सफाई 15 जुलाई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

हालांकि, इन दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत और पहली बारिश के बाद की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता और विधायक पंकज सिंह के समक्ष यह प्रश्न बना हुआ है कि यदि नोएडा स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन है, तो वाकई में यह इतना स्वच्छ क्यों नहीं दिखता? क्या सर्वेक्षण में अधिकारी कुछ और दिखाते हैं और जमीनी स्तर पर काम शून्य है, या फिर यह सर्वेक्षण ही एक भ्रम है जिसमें किसी विशेष तंत्र के माध्यम से ऐसे पुरस्कार दिए जा रहे हैं?
बैठक में नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीमती वंदना त्रिपाठी, जनरल मैनेजर सिविल एसपी सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



