आशु भटनागर। सत्ता के गलियारों से में प्रथम कथा भाजपा के ही दो विधायकों के बीच क्रेडिट को लेकर चल रहे संघर्ष में एक विधायक की चुप्पी पर है । ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में 10 वर्षों के बाद किसानो की जमीनों के मुआवजा में 55 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि करी है, साथ ही फिर से 6% का प्लाट भी देना शुरू कर दिया है। अब कायदे से इस पूरे प्रकरण पर सबसे ज्यादा खुश दादरी के विधायक तेजपाल नागर को होना चाहिए था। चार या पांच महापूर्व एनसीआर खबर को दिए एक पॉडकास्ट में स्वयं तेजपाल नागर इसको लेकर बड़े उत्साहित थे किंतु अब जब यह हुआ तो तेजपाल नागर पूरी पिक्चर में कहीं नहीं है। बीते दो दिन से उन्होंने सोशल मीडिया पर कहीं भी इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि इसी समय में वो रक्षा बंधन और जिलाध्यक्ष को जन्मदिन की बधाई देते दिखाई दे रहे है।इसके उलट जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह लगातार इस पर किसानो से मिलते और इसका क्रेडिट लेते दिखाई दे रहे हैं। वह पूरे क्षेत्र समेत प्रदेश को यह बताने में लगे हैं कि उनके प्रयासों से किसानों को यह लाभ मिला है। ऐसे में लोग इसके कई मायने निकल रहे हैं। दरअसल दादरी में हुई प्रदेश अध्यक्ष की रैली के दौरान जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कुछ ऐसा कहा था जिसको लेकर अब लोगों में यह शंका हो रही है कि कहीं जेवर से आरएलडी को सीट जाने की अफवाहों के बीच धीरेंद्र सिंह ने दादरी विधान सभा को तो अपना फोकस नहीं कर लिया हैI इन्ही अफवाहों के बीच उनके ने दादरी में दिए भाषण को फिर से सुना जा रहा है जिसमे उन्होंने कहा था कि कि अगर मौका मिला तो वह यहां के लोगों की भी सेवा करना चाहेंगे, तब इसे 2029 में उनके लोकसभा चुनाव लड़ने से जोड़कर देखा गया था । किंतु अब किसानों के मामले में जिस तरीके से उन्होंने क्रेडिट लिया है और जिस तरीके से दादरी विधायक तेजपाल नगर में चुप्पी साध ली है उसके लोग कई मायने निकाल रहे हैं। कुछ लोग इसे दादरी विधायक की हताशा में चुप्पी बता रहा है तो कुछ लोग इसे किसी बड़े पलटवार से पहले का संकेत बता रहे है, पर सच क्या है इसको लेकर भाजपा में कोई जवाब नहीं दे रहा है।
सत्ता के गलियारों में दूसरी घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हुई एक महिला द्वारा गार्ड्स को अपशब्द और उसमें सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को घसीट लेने की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता जल्दबाजी में ये सोच कर कूद पड़े और उसकी राजनीतिक रंग दे दिया कि लड़की ब्राह्मण और पीड़ित सुपरवाइजर और गार्ड इटावा एटा से होने के कारण अखिलेश यादव की जाति का होगा। किंतु जैसे-जैसे मामला स्पष्ट होना शुरू हुआ पता लगा कि थप्पड़ और गाली खाने वाला पीड़ित सुपरवाइजर अमित शर्मा ब्राह्मण जाति से है। वहीं लड़की येशा कुमार भी लेडी श्री राम कॉलेज फार वुमन से पढ़ी है और मॉडल है I उसने आरोप लगाया कि ये लोग उसको अकेली जानकर तमाम आरोप लगाते हैं। येशा ने कहा कि ये लोग मुझे पागल कहते हैं, लेकिन मैं पागल नहीं हूं, मैं यहीं रहूंगी. मैंने इस घर में पैसे लगाए हैं। एक महिला को अकेले रहने और अपनी मर्जी से जीने का अधिकार है। मगर, लोगों को बेबाक महिलाएं पसंद नहीं आतीं। मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन से पढ़ाई की है और एक मॉडल के तौर पर काम किया है। अब इवेंट्स से जुड़ी हुई हूं और मेरा अपना कपड़ों का ब्रांड भी है। 45 साल की येशा कुमार ने इस घटना को एक बुरा सपना बताते हुए कहा, मैंने रात करीब 2:30 बजे ऑर्डर किया था, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड्स ने डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को सोसाइटी के अंदर नहीं आने दिया। उस समय मैंने शराब पी रखी थी और मैं नीचे नहीं जाना चाहती थी, लेकिन वे जिद कर रहे थे कि मैं अपना ऑर्डर लेने के लिए गेट पर आऊं। इसीलिए आधी रात को 2.30 बजे उसके लिए खाना लाए डिलेवरी बॉय को ऊपर नहीं जाने दिया ओर उसे नीचे आने पर मजबूर किया गया। अब मामला इतना स्पस्ट हुआ है तो लड़की को ब्राह्मण समझ कर की जा रही PDA की राजनीति खतरे में पड़ गई है, क्योंकि पीडीए में ए से आधी आबादी बताने वाले फिलहाल महिला के खिलाफ चले गये और पीड़ित सुपरवाइजर पीडीए में पी से पंडित ब्राह्मण निकला है। अब सवाल यह है कि क्या पीड़ितों के ब्राह्मण होने के बाद भी कथित उत्साहित हुए नेता इस लड़ाई में वैसे ही पीड़ित के साथ खड़े रहेंगे या पिछले दरवाजे से चुपचाप निकल जाएंगे।
सत्ता के गलियारों में तीसरी खबर नोएडा में पुराने कैंसिल हो चुके प्लॉट को रिस्टोर करने के पीछे हो रही धांधली को लेकर है दरसल पिछले सप्ताह नोएडा प्राधिकरण में कुछ ऐसी चर्चाएं आई थी जिसमें बताया गया कि सेक्टर 41 में किसी व्यक्ति के 20 साल पहले कैंसिल हो चुके प्लॉट को रिस्टोर करने की पूरी तैयारी कर ली गई है । एनसीआर खबर में जब इसके बारे में समाचार प्रकाशित किया गया तो जानकारी और भयावह सामने आ रही है बताया जा रहा है कि 41 ही नहीं, सेक्टर 15ए समेत कई सेक्टर में ऐसे 5 मामले फिलहाल इस खेल में शामिल है । और फिलहाल नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारी अधिकारी चुपचाप इसको अंजाम देने में लगे हैंI जानकारी तो ये भी आ रही है कि इन प्लॉट्स को रेस्तोर करवाने के पीछे सत्ता और विपक्ष के कुछ नेता भी लगे हुए हैं यानी जब घोटाले करने का काम हो तो जनता के सामने लड़ने वाले सभी नेता एक साथ है। अब देखना ये है कि नोएडा प्राधिकरण के वर्तमान सीईओ इसको लेकर कोई बड़ी जांच करवाएंगे या फिर इससे अंजान बने रहेंगे, यह आने वाले दिनों में दिखाई देगा ।





