गौतम बुध नगर जिले में आने वाले दिनों में जेवर विधानसभा सीट को लेकर यूपी में पूर्व ओर पश्चिम के ठाकुरों के बीच जो रण होने जा रहा है, उसमें फिलहाल पहलवान बृजभूषण सिंह की पुत्री शालिनी सिंह भारी पड़ती दिख रही है। कहा जा रहा है कि नोएडा से समाज सेवा के बहाने एक वर्ष पूर्व राजनीति शुरू करने वाली शालिनी सिंह का निशाना दरअसल नोएडा नहीं जेवर विधानसभा सीट था। अब जेवर के राजपूत समाज के बीच शालिनी सिंह की बढ़ती सक्रियता ने उनको नोएडा से लेकर लखनऊ तक चर्चा में ला दिया है। इसको न मानने वालो को बीते दिनों शालिनी सिंह के दिए उसे बयान को याद करना जरूरी है जिसमें सिकंदराबाद में उन्होंने कहा था कि शीर्ष नेतृत्व रहेगा तो चुनाव जरूर लड़ेंगी ।
हालत यह हैं कि देवबंद से बड़ा विरोध झेल रहे मंत्री बृजेश सिंह रावत के जेवर से ही नहीं कहीं से भी टिकट लेने की सारी संभावनाएं शालिनी सिंह ने फिलहाल समाप्त कर दी है। देखा जाए तो बृजेश सिंह रावत और धीरेंद्र सिंह दोनों ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आंख के तारे विधायकों में गिने जाते हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों की ही सीटों पर टिकट को लेकर जबरदस्त विरोध बताया जा है। 2011 के बाद पहली बार जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह विरोधियों को चुनावी साल में निकले मेंढक बात कर खारिज करते फिर रहे हैं। वह पूछ रहे हैं कि जेवर और रबुपुरा में अगर इतनी समस्याएं थी तो वो बीते साढ़े चार साल से अब तक कहां थे। इधर देवबंद में विरोध की मार खेल रहे बृजेश सिंह रावत के भी जेवर की सीट से लड़ने की चर्चाएं तो हुई किंतु इस पूरे खेल में शालिनी सिंह की एंट्री ने फिलहाल जेवर में मामला त्रिकोणीय बना दिया है ।
जहां एक और धीरेंद्र सिंह के समर्थक लगातार शालिनी सिंह को बाहरी बता कर धीरेंद्र सिंह के टिकट कटने की बात को ही निरस्त कर रहे है वहीं इस क्षेत्र में लगातार शालिनी सिंह के कार्यक्रम लगवा रहे नेताओं का दावा है कि राजपूतों की अगली उम्मीद अब शालिनी सिंह हैं और जेवर में लगातार उनके बढ़ते दखल के बाद इसे सच माने जाने लगा है। इस बात का अंदाजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा आगमन के दिन भी शालिनी सिंह जेवर विधानसभा में सभाएं करती दिखाई दी।
जेवर में शालिनी सिंह के टिकट होने की चर्चाओं का एक बड़ा कारण यह कहा जा रहा है कि इस जेवर विधानसभा की सीट महिला भी हो सकती है दरअसल गौतम बुध नगर जिले को महिला अधिकारियों से लेकर महिला जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा अनुकूल माना जाता रहा है जेवर के साथ-साथ दादरी विधानसभा पर भी यही समीकरण काम कर रहा है, जहाँ कुशल सिंह, निर्मल तंवर जैसी महिलायों ने टिकट की रेस में धूम मचा दी है I कहने वाले तो यह कह रहे हैं कि हो सकता है गौतम बुद्ध नगर की पांच विधानसभाओं में इस बार दादरी और जेवर दोनों ही महिला सीट हो जाएं क्योंकि नोएडा और सिकंदराबाद पहले ही महिला सीट हो चुकी है । ऐसे में अगर महिला सीट के दांव पर पहले से ही शालिनी सिंह ने अपनी अर्जी लगा दी है, उस पर दिल्ली से हां हो गई है, इन चर्चाओं में थोड़ा सा दम है और आज सोमवार है तो जेवर को पहली महिला विधायक मिलनी तय है भले ही वो बाहरी क्यों न हो ।




