लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुए एक राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को बड़ा झटका लगा है। विभिन्न जिलों के कई जाने-माने नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टियों का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (SP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में इन सभी नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस फेरबदल में मुरादाबाद से भाजपा के पूर्व विधायक राजीव चिन्ना ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा गोंडा जिले से भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने सपा का रुख किया है। इनमें विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला सहित पांच भाइयों का परिवार प्रमुख रूप से शामिल है, जिनका अपने क्षेत्र में अच्छा प्रभाव माना जाता है। साथ ही, योगेंद्र नाथ मिश्रा ने भी भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ली है।
बाबागंज से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी केशव पासी भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा छोड़कर ‘सपा परिवार’ में शामिल हो गए हैं।
विपक्ष के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कई नेताओं ने भी हाथी का साथ छोड़कर साइकिल (सपा का चुनाव चिह्न) पर सवार होने का फैसला किया है।
सीतापुर की महोली/देवा (उल्लेखित देवता) विधानसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व प्रत्याशी आशीष प्रताप सिंह ने बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली है।
बुलंदशहर से बसपा के जिला महासचिव रहे नरेश प्रताप सिंह ने भी बसपा से नाता तोड़कर समाजवादी पार्टी का हाथ थाम लिया है।
इनके अलावा, अन्य क्षेत्रों से भी कई स्थानीय नेताओं ने सपा की नीतियों में आस्था जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।



