नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसी सफलता दर्ज की है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में कथित तौर पर 452.86 करोड़ रुपये की कमाई कर फिल्म इंडस्ट्री में नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। हालांकि, इस शानदार सफलता के बीच अब फिल्म की प्रोडक्शन टीम के भीतर अंदरूनी कलह और मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं, जिसने पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दिया है।
रिलीज के शुरुआती दो हफ्तों में ‘हनुमान अंश’ को दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था और इसकी कमाई काफी कम थी। लेकिन तीसरे हफ्ते में फिल्म के कलेक्शंस में अप्रत्याशित उछाल देखा गया। देखते ही देखते फिल्म ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि इसने अपने बजट से सौ गुना ज्यादा की कमाई कर डाली। नीम करौली बाबा के प्रति वैश्विक श्रद्धा और दर्शकों के ‘वर्ड ऑफ माउथ’ ने इसे एक ग्लोबल ब्लॉकबस्टर बना दिया।
सफलता के बाद आंतरिक मतभेद
व्यावसायिक सफलता के इस शिखर पर पहुंचते ही फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और निर्माताओं—नम्रता जी. सिंह, रागिनी सोना और अनुप्रिया नागर—के बीच दरार पैदा हो गई है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद मुख्य रूप से फिल्म के प्रचार (Promotion), प्रतिनिधित्व (Representation) और इसके अधिकारों (Rights) पर नियंत्रण को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम के अन्य सदस्य इस बात से असंतुष्ट थे कि एक निर्माता, अनुप्रिया नागर को बाकी मेकर्स की तुलना में काफी ज्यादा लाइमलाइट और अहमियत मिल रही थी।
विवाद की जड़: अनुप्रिया नागर के तीन बयान
विवाद का केंद्र 21 वर्षीय निर्माता अनुप्रिया नागर के वे बयान माने जा रहे हैं, जो उन्होंने प्रमोशनल कैंपेन के दौरान दिए थे। हालांकि अनुप्रिया इस प्रोजेक्ट से पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में जुड़ी थीं, लेकिन वह फिल्म का सबसे प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं। विवाद तब और बढ़ गया जब उन्होंने तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
‘हनुमान अंश’ को एक ट्रिलॉजी (तीन फिल्मों की श्रृंखला) के रूप में पेश किया जाएगा।
वह फिल्म बनाने के अपने अनुभवों पर एक किताब लिखेंगी।
वह अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस शुरू करने की योजना बना रही हैं।
इन बयानों ने अन्य निर्माताओं और निर्देशक के बीच असुरक्षा और नाराजगी को जन्म दिया, क्योंकि ये फैसले सामूहिक सहमति के बिना सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रखे गए थे।
बढ़ते विवाद के बीच, निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और निर्माता नम्रता जी. सिंह ने ‘स्वयंभू मीडिया नेटवर्क’ के माध्यम से एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने स्वयं को ‘कार्यकारी निदेशक’ (Executive Directors) घोषित करते हुए स्पष्ट किया है कि फिल्म के पीआर (PR), मार्केटिंग, अवॉर्ड्स और पार्टनरशिप से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए केवल वे ही अधिकृत (Authorized) हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस आधिकारिक बयान में अनुप्रिया नागर के नाम का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। बयान में कठोर शब्दों में कहा गया, “कंपनी को जानकारी मिली है कि कोई व्यक्ति स्वयं को फिल्म के अधिकारों से जुड़े मामलों के लिए अधिकृत बता रहा है, जबकि वास्तव में किसी भी अन्य व्यक्ति के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है।”
अधर में लटका फिल्म का भविष्य?
इस आंतरिक विवाद का सीधा असर फिल्म की भविष्य की योजनाओं पर पड़ता दिख रहा है। जहां एक ओर फिल्म की सफलता ने ‘पार्ट 2’ की उम्मीदें जगाई थीं, वहीं इन मतभेदों के कारण अभी तक दूसरे भाग की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जानकारों का मानना है कि यदि यह कानूनी और पेशेवर विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो इस सफल फ्रैंचाइजी का भविष्य संकट में पड़ सकता है।
फिलहाल, ‘हनुमान अंश’ की टीम के बीच की यह खींचतान फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि कभी-कभी अत्यधिक सफलता भी अपने साथ संगठन के भीतर नई चुनौतियां लेकर आती है।



