ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए राहत का एक अच्चा समाचार आया है। चार मूर्ति चौक पर बन रहा अंडर पास अब ट्रायल के लिए खोला गया है, जिससे नोएडा से जेवर जाने वाले वाहनों को 130 मीटर के इस मार्ग पर आसान निकास मिलने की आशा है। इस अंडर पास के सम्पूर्ण निर्माण के बाद यहां एक पक्की सड़क भी बनाई जाएगी, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लंबे समय से जाम की समस्या से परेशान लोग अब इस नए अंडर पास के खुलने से उम्मीद लगाए हुए हैं। चार मूर्ति चौक के अंडर पास का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और अनुमान है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
चार मूर्ति चौक अंडरपास की छत का काम पूरा, ट्रायल शुरू, अब बनेगी काली डामर की सड़क, 130मीटर से नोएडा से जेवर जाने वालों को होगी आसानी, जानें कंस्ट्रक्शन अपडेट https://t.co/zfulEKHnwH #NCRKhabar #GreaterNoidaWest pic.twitter.com/jo9KmttCPs
— NCRKHABAR (@NCRKHABAR) September 22, 2025
निर्माण कर रही एजेंसी ने हाल ही में अंडर पास की छत (स्लैब) का काम पूरा कर लिया है, और अब काली डामर की सड़क बिछाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। बुधवार से मशीनें इस कार्य के लिए मौके पर मौजूद रहेंगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की संभावना है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एनजी रवि कुमार ने पिछले सप्ताह इस निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था, और उन्होंने निर्देश दिए थे कि अंडर पास को जल्दी से जल्दी चालू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सर्विस रोड की मरम्मत और 60 मीटर रोड की चौड़ाई बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।

सीईओ एनजी रवि कुमार के अनुसार, “अंडर पास का आंशिक रूप से खुलना नोएडा से आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक जाम से कुछ राहत प्रदान करेगा। हालांकि, इसका पूरा निर्माण कार्य पूरा होने में अभी लगभग छह महीने का समय लगेगा।”
इस अंडर पास परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम को खत्म करना है। इसके खुलने से इलाके की संपूर्ण यातायात स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा, और निवासियों को उनके दैनिक आवागमन में सुविधा होगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों और स्थानीय व्यापारियों ने इस अंडर पास के विकास को लेकर संतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इससे न केवल यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि इससे क्षेत्र का विकास भी संभव होगा।


