सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि लोग अक्सर इन संदेशों को गीता के वचनों की तरह सत्य मान लेते हैं। कमिश्नर ने यह बातें सोमवार को गलगोटिया कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में कहीं, जिसका विषय था “समाज के विश्वास निर्माण में मीडिया और प्रशासन की भूमिका”।
कमिश्नर सिंह ने पत्रकारों से अपील की कि वे तथ्यों की जांच के बाद ही खबरों का प्रकाशन और प्रसारण करें। उन्होंने चेताया कि गलत तथ्यों के साथ प्रस्तुत की गई खबरें समाज में अविश्वास फैलाने का कार्य कर सकती हैं।

कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और प्राधिकरण इस दिशा में रह residents को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक ढांचा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें खबरों के प्रति एक निष्पक्ष पर्यवेक्षक होना चाहिए। उन्होंने यह सुझाव दिया कि खबर की शुरुआत और अंत तथ्यों से करना चाहिए, ताकि पत्रकारिता को विश्वसनीयता मिल सके।
वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने अपने विचार में कहा कि पत्रकारिता को पूरी तरह से निरपेक्ष मानना उचित नहीं है। उन्होंने सत्य और तथ्य के पक्ष को महत्व देते हुए पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इसी के साथ खड़े रहें।


