मुद्दा : नोएडा हो या दादरी, शहरी जनसंख्या के वोटो के लिए दिखाई नहीं दे रहे सपा के पीडीए पहरी! अब भी नहीं जागे तो 2027 में रहेंगे वहीं ढाक के तीन पात

आशु भटनागर
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आशु भटनागर । गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव भले ही प्रदेशव्यापी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान में अपने कार्यकर्ताओं को सजग रहकर वोटर तक पहुंचने के दावे कर रहे हों, लेकिन गौतम बुद्ध नगर की नोएडा और दादरी दोनों ही विधानसभा सीटों पर पार्टी की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शहरी मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं, जिससे अखिलेश के 2027 के चुनावी सपनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित सपा की गतिविधियां

वर्तमान में, नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी की समस्त गतिविधियां केवल ग्रामीण हिस्सों तक ही सीमित दिखाई दे रही हैं। यह स्थिति नई नहीं है; कुछ समय पहले पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने भी ग्रामीण अंचलों में ही वोट काटे जाने के आरोप लगाए थे। ऐसे में यह बड़ा प्रश्न उठता है कि जिस समाजवादी पार्टी ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा वोट काटने के आरोप लगाए हैं, क्या वह शहरी मतदाताओं तक पहुंच बनाने में असमर्थ है, या फिर पार्टी का स्थानीय संगठन ऐसी कोशिश करना ही नहीं चाहता?

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बढ़ते शहरीकरण के बावजूद ग्रामीण वोट बैंक पर निर्भरता

नोएडा और दादरी सीटों पर तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण अब ग्रामीण अंचल के वोटों की संख्या बेहद कम होती जा रही है। नोएडा विधानसभा में लगभग 7 लाख कुल वोटों में से अब मात्र 1 लाख वोट ही ग्रामीण हिस्से से आते हैं। बीते तीन विधानसभा चुनावों से समाजवादी पार्टी को इस ग्रामीण हिस्से का लगभग 50% वोट मिलता रहा है, लेकिन यह जीत के लिए पर्याप्त नहीं होता। कमोबेश यही स्थिति दादरी विधानसभा पर भी है, जहां वर्तमान के 7 लाख वोटों में से लगभग ढाई लाख वोट ग्रामीण हिस्से में आते हैं और उसका 40% वोट ही समाजवादी पार्टी को मिल पाता है। इन्हीं सब जमीनी कारणों के चलते समाजवादी पार्टी बीते 15 वर्षों में दोनों ही सीटों पर विजय पताका फहराने या अपना आधार खड़ा करने में विफल रही है।

हमेशा दूसरे या तीसरे स्थान पर सिमटने का कारण

विश्लेषकों का कहना है कि इन्हीं समस्याओं के कारण पार्टी हर बार 60 से 90 हजार के बीच वोट पाकर दूसरे या तीसरे नंबर की पार्टी बनी रहती है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब अखिलेश यादव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देने की बात करते हैं, जबकि उनके जिले के स्थानीय संगठन और नेता अपनी गलतियों से सबक सीखने को तैयार नहीं दिखते। जिले में अब इन बातों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।

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स्थानीय नेतृत्व और युवा असंतोष

पार्टी से जुड़े कई समर्थकों का दावा है कि दरअसल स्थानीय स्तर पर कमजोर नेतृत्व और संकीर्ण दृष्टि के चलते जिला और नोएडा महानगर का संगठन मतदाताओं तक पहुंचने में अब तक न केवल नाकाम रहा है, बल्कि कभी भी सुधार की कोशिश भी नहीं करता।

एक दूसरा पक्ष यह भी है कि हर बार बातें चाहे कुछ भी हों, फिर से वही पुराने प्रत्याशी गुणा-भाग करके टिकट ले आते हैं, जिसके चलते पार्टी में युवा नेताओं में किसी भी प्रकार का उत्साह नहीं बचा है। पार्टी के युवा नेताओं का दावा है कि हर बार पार्टी उन्हीं लोगों को टिकट देती है जो तीन – तीन बार से आज तक नहीं जीत सके हैं और जो संगठन में बदलाव को रोके रखना चाहते हैं। ऐसे में संगठन में सिर्फ दरी बिछाना या नारे लगाने की जगह युवा नेता अन्य दलों का रुख कर लेते हैं।

SIR की बढ़ी अवधि, पर क्या बदलेगी रणनीति?

ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि भले ही SIR को लेकर प्रदेश में अंतिम तिथि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई हो, किंतु क्या नोएडा और दादरी दोनों ही विधानसभा सीटों पर पार्टी का जिला संगठन कोई मजबूत कदम उठा पाएगा? क्या शहरी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पार्टी की कोई नई रणनीति बनेगी, या फिर सोशल मीडिया पर ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 50 लोगों की बैठकें करके पार्टी के नेता अपना दायित्व पूरा कर लेंगे? गौतम बुद्ध नगर में सपा का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि वह शहरी मतदाताओं से जुड़ने की इस चुनौती को कैसे स्वीकार करती है।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे