देश की सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक नई और बड़ी मुश्किल में फंस गई है। 1 दिसंबर से कंपनी पूरे देश में नई सिम (SIM) और डुप्लीकेट सिम जारी नहीं कर पा रही है, जिससे नए ग्राहकों का जुड़ना पूरी तरह से रुक गया है। इस गंभीर समस्या का मुख्य कारण कंपनी का महत्वपूर्ण ‘संचार आधार ऐप’ बताया जा रहा है, जो पिछले चार दिनों से काम करना बंद कर चुका है। इसके चलते न तो नई सिम एक्टिव की जा पा रही है और न ही ग्राहक की केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। देशभर के लाखों उपभोक्ताओं और संभावित ग्राहकों को इस अचानक पैदा हुई तकनीकी बाधा का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है समस्या और क्यों रुका काम?
दूरसंचार क्षेत्र में सिम जारी करने और एक्टिव करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस हो गई है। ग्राहक को नया कनेक्शन लेने या डुप्लीकेट सिम प्राप्त करने के लिए अपनी पहचान और पते का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है, जिसे आमतौर पर आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापित किया जाता है। BSNL अपने ‘संचार आधार ऐप’ के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देता था। इस ऐप के माध्यम से ग्राहक का डेटा कैप्चर किया जाता था, आधार से उसकी पहचान सत्यापित की जाती थी और फिर सिम को एक्टिव किया जाता था।
1 दिसंबर से यह ‘संचार आधार ऐप’ पूरी तरह से ठप पड़ गया है। ऐप के काम न करने का सीधा मतलब है कि सिम जारी करने की पूरी श्रृंखला टूट गई है। BSNL के रिटेलर्स और आउटलेट्स पर पहुंचने वाले ग्राहक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें नई सिम या डुप्लीकेट सिम नहीं मिल पा रही है। यह समस्या सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में BSNL के नेटवर्क पर इसका असर पड़ रहा है।
ग्राहकों पर सीधा असर
इस तकनीकी खराबी का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ रहा है जो BSNL से जुड़ने की मंशा रखते थे। नए कनेक्शन लेने की उम्मीद में कंपनी के स्टोर्स या फ्रेंचाइजी आउटलेट्स पर पहुंचने वाले ग्राहकों को हर मोड़ पर निराशा ही हाथ लग रही है और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
वहीं, इस समस्या का एक और बड़ा पहलू मौजूदा ग्राहकों से जुड़ा है। जिन मौजूदा BSNL ग्राहकों की सिम खो गई है, खराब हो गई है या टूट गई है, वे डुप्लीकेट सिम भी नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में उनकी जरूरी सेवाएं जैसे बैंकिंग अलर्ट, वन टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त करना, यूपीआई लेनदेन, और अन्य महत्वपूर्ण संचार पूरी तरह से बाधित हो रहे हैं। यह स्थिति आपातकालीन परिस्थितियों में और भी गंभीर हो सकती है, जब किसी को तत्काल अपने फोन नंबर की आवश्यकता हो।
BSNL के लिए यह बड़ा झटका
BSNL के लिए यह संकट ऐसे समय में आया है जब कंपनी पहले से ही निजी दूरसंचार कंपनियों जैसे रिलायंस जियो (Jio), एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vi) से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। भारत सरकार ने BSNL के पुनरुद्धार के लिए हजारों करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया है, जिसका उद्देश्य कंपनी को अपनी 4G और जल्द ही 5G सेवाओं को लॉन्च करने में मदद करना है, ताकि वह बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति फिर से दर्ज करा सके।
ऐसी स्थिति में जब कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार करने और नए ग्राहक जोड़ने का प्रयास कर रही है, इस तरह की मूलभूत तकनीकी खराबी उसके पुनरुद्धार प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है। नए ग्राहक न जुड़ने से कंपनी को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, साथ ही उसकी बाजार हिस्सेदारी पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। यह घटना कंपनी की विश्वसनीयता और उसके डिजिटल बुनियादी ढांचे पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
अधिकारी मौन, डीलर परेशान
हालांकि, इस गंभीर मामले पर BSNL की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने यह नहीं बताया है कि ‘संचार आधार ऐप’ के ठप होने का मूल कारण क्या है और इसे कब तक ठीक कर लिया जाएगा। देशभर के BSNL आउटलेट्स और फ्रेंचाइजी डीलर भी इस अनिश्चित स्थिति से परेशान हैं क्योंकि वे ग्राहकों को कोई ठोस जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे उनकी भी छवि खराब हो रही है।


