राज्य सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन शिकायत पोर्टल इंटीग्रेटेड ग्रेज़ुएट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (आईजीआरएस) पर नवंबर माह में शिकायत निस्तारण की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस बार जिले के सभी 27 थानों ने भी क्रमशः प्रथम‑रैंक हासिल की, जिससे यह उपलब्धि पूरी प्रदेश में पहली बार देखी जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को इस माह की मूल्यांकन रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट में बताया गया है कि गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट ने कुल 12,874 शिकायतों को समय सीमा के भीतर निपटाया, जिसमें 96.3 % मामलों का समाधान ‘संतोषजनक’ दर्ज किया गया। इस परिणाम को देखते हुए, राज्य के मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा, “नागरिक‑प्रधान सेवाओं में इस तरह की उत्कृष्टता देखना प्रसन्नता का विषय है; हमें उम्मीद है कि यह प्रवृत्ति आगे भी बनी रहेगी।”
शिकायती पोर्टल के संचालन की जिम्मेदारी पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पास है। उनके अनुसार आईजीआरएस पोर्टल का उद्देश्य नागरिकों को एक सहज, पारदर्शी और त्वरित समाधान प्रदान करना है। प्रत्येक शुक्रवार को हम थानों की कार्यवाही का विस्तृत परीक्षण करते हैं, जिससे न केवल शिकायतों का शीघ्र निपटान होता है बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने इस उपलब्धि को मान्यता देने के लिये पुलिस कमिश्नर टीमों को सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सम्मान समारोह में थानों के प्रमुख, वरिष्ठ उपाधीक्षक और तकनीकी सपोर्ट स्टाफ को ‘उत्कृष्ट सेवा’ प्रमाणपत्र तथा नकद पुरस्कृतियों से सम्मानित किया जाएगा। कई थानों के अधिकारी इस मंच पर अपनी मेहनत और टीमवर्क को श्रेय देते हुए कहे, “हमारी सफलता केवल अधिकारीगण ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और उनके फीडबैक पर भी निर्भर करती है।”
आईजीआरएस पोर्टल, जो 2019 में लॉन्च किया गया था, आज नागरिकों के लिये शिकायत दर्ज करने, अभिलेखों की अनुगमन करने और समाधान की प्रगति देख करने का प्रमुख माध्यम बन चुका है। इस प्रणाली के माध्यम से जिले के नागरिकों ने सुरक्षा, सार्वजनिक सुविधाएँ, जल‑सप्लाई, कचरा प्रबंधन आदि विभिन्न क्षेत्रों में 3,500 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाईं, जिनमें से अधिकांश को दो हफ्ते के भीतर हल किया गया।



