नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली‑RRTS नेटवर्क से जोड़ने के लिये परियोजना पर विशेषज्ञों की बैठक, अब गाजियाबाद की जगह दिल्ली से सीधे जोड़ने की तैयारी

आशु भटनागर
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आशु भटनागर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA), लगभग शुभारंभ के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र में परिवहन नेटवर्क में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हाल ही में, दिल्ली के रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के माध्यम से नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच आवश्यक योजनाओं और मार्गों का निर्धारण करने हेतु एक बैठक आयोजित की गई।

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इस बैठक में एनसीआरटीसी, यमुना प्राधिकरण, नियाल, नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और महुआ (MAHUA) की सहभागिता रही। एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी के लिए एक व्यवहार्यता रिपोर्ट पेश की, जिसमें रूट की कुल लंबाई 72.2 किलोमीटर बताई गई है। इस मार्ग में चार मूर्ति से कासना और फिर नोएडा एयरपोर्ट तक की दूरी शामिल है।

NCRTC द्वारा प्रस्तुत व्यवहार्यता रिपोर्ट का वर्तमान प्रस्ताव

NCRTC ने एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसमें गाज़ियाबाद RRTS स्टेशन से NIA तक 72.2 किमी की कुल दूरी को तीन मुख्य खंडों में विभाजित किया गया है:

  1. गाज़ियाबाद – सिद्धार्थ विहार – ताज रोड चार मूर्ति : लगभग 12 किमी
  2. चार मूर्ति – नॉलेज पार्क V – परी चौक – इकोटेक6  : लगभग 32 किमी
  3. इकोटेक6  – नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा – हवाई अड्डा क्षेत्र : लगभग 28 किमी

रूट के प्रमुख स्टॉप्स में चार मूर्तिनॉलेज पार्क Vपरी चौकइकोटेक6  और अंत में हवाई अड्डा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रस्तावित मार्ग के अनुसार, कुल 72.2 किमी का रूट दो‑तरफ़ा यात्रा में उच्च गति (150 km/h) पर 30‑35 मिनट में कवर किया जा सकेगा, जिससे NIA‑to‑Delhi (आधारभूत स्टेशन) तक का कुल ट्रैवल टाइम 60‑70 मिनट के भीतर घट जाएगा।

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मंगवार को हुई बैठक में इस रूट के संबंध में यमुना प्राधिकरण और नियाल ने एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया है। शैलेन्द्र भाटिया, एसीईओ, यमुना प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट को गाजियाबाद की बजाय दिल्ली से जोड़ना अधिक प्रभावी होगा। इसके लिए सराय काले खान को एक उचित कनेक्टिंग पॉइंट के रूप में प्रस्तावित किया गया है।जिससे NIA‑to‑Delhi (आधारभूत स्टेशन) तक का कुल ट्रैवल टाइम 40‑45 मिनट के भीतर घट जाएगा।

दिल्ली के रैपिड ट्रांजिट सिस्टम द्वारा मेरठ, पानीपत, गुरुग्राम और अलवर को जोड़ने के लिए प्रस्तावित लाइनों के पूर्ण होने की स्थिति में, सराय काले खान एक मुख्य हब के रूप में सामने आएगा। यमुना प्राधिकरण एवं नियाल का यह सुझाव इस दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है, जिससे दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक की दूरी को और भी कम किया जा सकेगा।

वैकल्पिक मार्ग और संभावित कनेक्शनों की समीक्षा

इसके बाद महुआ एक बार फिर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सूरजपुर होते हुए नोएडा के सिटी सेंटर तक पहुंचने के नए मार्ग की स्वरूप में सामर्थ्य का सर्वे करेगा। इस सर्वे से रूट की लंबाई 72 किलोमीटर से घटकर 65 किलोमीटर होने की संभावना प्रकट की जा रही है। यह नई रूटिंग योजना भूमि के अतिरिक्त 20,637 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी, और इससे दिल्ली और नोएडा के निवासियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी मिलेगी।

  1. सराए काले खान – नोएडा सिटी सेन्टर : लगभग 12 किमी
  2. नोएडा सिटी सेन्टर – सूरजपुर – परी चौक – इकोटेक6  : लगभग 25 किमी
  3. इकोटेक6  – नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा – हवाई अड्डा क्षेत्र : लगभग 28 किमी

वर्ष 2023 में भी यमुना प्राधिकरण ने सराय काले खान से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की थी। इस प्रस्तावित मार्ग के स्थान पर सारे काले खान से मेरठ रूट के बीच सिद्धार्थनगर स्टेशन को से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने पर चर्चा शुरू हुई। जिसमे इसी रूट पर नोएडा से आ रही मेट्रो को भी जोड़ने की चर्चाये भी हुई हालांकि, नोएडा मेट्रो और आरटीएस के एक ही मार्ग पर चलाने में व्यावहारिक परेशानियों बाते सामने आई हैं ।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली‑RRTS के माध्यम से जोड़ने की यह रणनीति, इन्फ्रास्ट्रक्चर‑इंटीग्रेशन तथा बहु‑मॉडल ट्रांसपोर्ट के दृष्टिकोण से एक क्रांतिकारी कदम है। दावा है कि गाज़ियाबाद‑आधारित 72 किमी के प्रस्तावित रूट से हटकर, सराय‑काले‑खान‑हब के माध्यम से 65 किमी के संक्षिप्त मार्ग का चयन न केवल लागत बचत, बल्कि परिचालन‑सुरक्षा, समय‑संचयन और उपयोगकर्ता‑सुविधा में उल्लेखनीय सुधार प्रदान करेगा।

यदि नियोजित समय‑सीमा में सभी नियामक एवं सामाजिक बाधाओं को सफलतापूर्वक निपटाया गया, तो 2029 तक NIA‑RRTS हब का उद्घाटन न केवल उत्तरी भारत के हवाई ट्रैफ़िक को सुदृढ़ करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को विश्व‑स्तर के मल्टी‑मॉडल हब में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे