दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने के बीच गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। GRAP (Graded Response Action Plan) की दिशा-निश्चिती संख्या 83 दिनांक 17.09.2024 के अनुपालन में आदेश जारी करते हुए डीएम ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों, चाहे वे बोर्ड से संबद्ध हों या कोचिंग सेंटर, को 14 दिसंबर से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु
• सभी शैक्षणिक संस्थान (बेसिक से माध्यमिक स्तर) बंद
• कोचिंग सेंटर और ट्यूशन क्लासेज भी स्थगित
• आदेश का आधार: GRAP दिशा-नियम और वायु गुणवत्ता का ‘गंभीर’ स्तर
• उद्देश्य: छात्रों के स्वास्थ्य की न्यूनतम जोखिम सुनिश्चित करना
आदेश का विवरण
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि वायु प्रदूषण बढ़ने की अवधि में बच्चों की सांस संबंधी बीमारियों का खतरा विशेष रूप से अधिक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के समस्त स्कूल, कॉलेज, बोर्डिंग स्कूल, शैक्षिक कोचिंग संस्थानों को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा।
“हमारे प्राथमिक कर्तव्य में से एक है—विशेषकर नाबालिगों की सेहत का पूरा ध्यान रखना,” गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी ने कहा। “GRAP दिशा-नियमों के तहत यह कदम अतिआवश्यक है, ताकि बचपन में किसी भी प्रकार की श्वसन संबंधी समस्या या एलर्जी से बच्चों को बचाया जा सके।”

प्रदूषण की मौजूदा स्थिति
दिल्लीभर में मंगलवार को AQI 450 के पार दर्ज किया गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में भी वायु में फाइन पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) का स्तर WHO के मानकों से कई गुना अधिक पाया गया है। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की ताजा रिपोर्ट में शहर में औसत PM2.5 का स्तर 380 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर बताया गया है, जबकि WHO कितना सिफारिश करता है, वह 25 माइक्रोग्राम/m3 से कम होना चाहिए।


