आशु भटनागर I रविवार को जब भाजपा उत्तर प्रदेश के नए अध्यक्ष पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चाये हो रही थी, उनको लेकर राजनैतिक विशेषण हो रहे थे I उसी सांय बीजेपी मुख्यालय से एक पत्र बाहर आता है जिसमे लिखा होता है कि बांकीपुर से विधायक और बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है I पूरा देश इस समाचार से भौचक्क रह जाता है I भाजपा ही नहीं, भाजपा के बाहर भी चर्चाये शुरू हुई कि नितिन नवीन कौन है ? शायद बीजेपी के भी देश भर के नेता नितिन नवीन को नहीं जानते होंगे I लोगो को बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब उन्हें पता चला कि बिहार सरकार में मंत्री ये नेता मात्र 45 वर्ष के हैं जो अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गए हैं I रोचक तथ्य ये है कि इस निर्णय की भनक स्वयं नितिन नबीन तक को नहीं थी वो स्वयं बाकिपुर में अपने अभिनन्दन समरोह में दोपहर तक वयस्त थे I भाजपा के सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन सोमवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगे जिसके बाद 11.30 बजे उनको पद की शपथ दिलाई जायेगी I
बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि नितिन नवीन की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उन्होंने जनवरी 2020 से राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा की जगह ली है। जब तक पार्टी किसी नए पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा नहीं करती, तब तक नितिन नवीन यह जिम्मेदारी निभाएंगे। उनके सामने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियों का अहम दायित्व होगा। आपको बता दें कि नितिन नबीन के बीजेपी के छत्तीसगढ़ प्रभारी रहते 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरा भरोसा था कि उसकी सत्ता में वापसी हो रही है लेकिन बीजेपी ने यहां बाजी पलटी और सत्ता दिलाई।
घोषणा के बाद पटना में एजेंसी से बातचीत में नितिन नवीन ने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व का दिल से धन्यवाद करता हूं। प्रधानमंत्री का आशीर्वाद और उनका नेतृत्व हमें निरंतर मार्गदर्शन देता है, जिसे मैं आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा। बीजेपी में समर्पण और मेहनत को हमेशा पहचाना जाता है। जब आप एक समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर लगातार काम करते हैं, तो पार्टी के वरिष्ठ नेता उस पर ध्यान देते हैं। मैं पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को और मजबूत करूंगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सन्देश में लिखा कि श्री नितिन नबीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वे एक युवा और परिश्रमी नेता हैं, जिनके पास संगठन का अच्छा-खासा अनुभव है। बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्य बहुत प्रभावी रहा है, साथ ही जनआकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्होंने पूरे समर्पण भाव से काम किया है। वे अपने विनम्र स्वभाव के साथ जमीन पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और प्रतिबद्धता आने वाले समय में हमारी पार्टी को और अधिक सशक्त बनाएगी। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर उन्हें हार्दिक बधाई।
नितिन नबीन की घोषणा के साथ ही प्रश्न उठने लगे कि क्या भाजपा के अतिरिक्त किसी अन्य पार्टी में ऐसा फैसला लेने की हिम्मत है? उत्तर में लोग बंट सकते हैं, किन्तु अगर इस फैसले को राजनीतिक कार्यकर्ता की आंखों से नहीं देखें तो पता चलेगा कि ये फैसला कितना बड़ा है I इसका सन्देश कितना बड़ा है I भारतीय राजनीती में इसके क्या दूरगामी प्रभाव होने वाले हैI
जाति नहीं हिंदुत्व, युवा, संघ की विचाधारा को समर्पित को वरीयता
इस चयन के साथ भाजपा ने एक बार फिर से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से निकले कार्यकर्ताओ पर ही विश्वाश जताया हैI 2024 के चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा के उस विचार से अलग है जिसमे उन्होने संघ के बिना भाजपा के चुनाव जीतने की बात कही थी I सन्देश साफ है भाजपा फिर से संघ के दिखाए रस्ते पर ही हैI जिसमे संघ के प्रति समर्पण ही महत्वपूर्ण हैI

इस निर्णय ने एक बार फिर से जाति पर हिंदुत्व को ऊपर बता दिया है I देश भर में जिसकी जितनी संख्या भरी उसकी उतनी हिस्सेदारी वाली राजनीती के दौर में भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन सिन्हा दिवंगत भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे है और बिहार के कायस्थ समाज से आते है जिसकी संख्या बिहार की कुल आबादी का लगभग 0.60% है यानी बिहार में कायस्थ समाज की कुल जनसंख्या लगभग 7,85,771 है I किन्तु ये समाज देश भर में भाजपा का कोर वोटर है, कभी पार्टी में पद या टिकट को लेकर कोई डिमांड नहीं I ऐसे में भाजपा का सन्देश स्पस्ट है कि नए भारत में भाजपा कि हिंदूवादी राजनीती में जाति नहीं, योग्यता मुद्दा रखती है ये इसलिए भी कहा जा सकता है कि इस तरह का उदाहरण पिछले कुछ दशकों की राजनीति में तो देखने-सुनने को नहीं मिला है I ऐसे में भाजपा का ये निर्णय निश्चित ही उनके हिंदुत्व के कोर मुद्दे और कोर वोटर यानि सवर्णों की निराशा को भी दूर करता है I
जाति के बाद दुसरे पक्ष यानी उनके युवा होने पर पर आते है, जी हाँ नितिन नबीन सिर्फ 45 वर्ष के हैं I जहाँ रविवार को ही उत्तर प्रदेश के नए अध्यक्ष बने पंकज चौधरी की उम्र भी 61 वर्ष है वहीं भाजपा के समक्ष खड़ी कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे लगभग 83 वर्ष के हैं, तृणमूल कांग्रेस की ममता बेनर्जी 70 वर्ष तो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव 52 वर्ष, कांग्रेस के युवराज राहुल गाँधी 55 वर्ष और आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल 57 वर्ष के हैं I
बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक GEN-G के आन्दोलन के बाद विपक्ष पुरे भारत में भी GEN -G को भड़का कर देश में अस्थिर करने का जो असफल राजनैतिक प्रयोग कर चुका था उसका उत्तर भी नितिन नबीन के जरिये ही दे दिया गया हैI पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को भी स्पस्ट सन्देश दिया है कि वो युवाओं को अब बैक सीट पर नहीं रखना चाहती बल्कि उन्हें सीधे पार्टी चलाने का मौका देना चाहती है I पार्टी इससे पहले भी बिलकुल नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाकर साधारण कार्यकर्ता का मन पहले ही जीत चुकी हैI 10 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे हो या राजस्थान, मध्यप्रदेश में भजन लाल शर्मा , मोहन यादव रहे हो I पार्टी का सन्देश साफ़ है अगर आप पार्टी के लिए समर्पित है, अनुशासित है तो आप पार्टी में किसी भी पद तक पहुँच सकते है चाहे वो मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री हो या अब राष्ट्रीय अध्यक्ष तक I उसके लिए किसी विशिष्ट परिवार में जन्म लेना अनिवार्य नहीं हैI
भाजपा के सभी अध्यक्षों को अगर देखे तो वो उत्तर और पश्चिम भारत से आते रहे हैं I ऐसे में नितिन नबीन न केवल बिहार से, बल्कि पूर्वी भारत से भी इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता हैं। जिससे जरिये भाजपा ने स्वयं पर पूर्वी भारत खास तोर पर बिहार पर उपेक्षा के आरोपों का प्रतिउत्तर भी दे दिया है जिसका लाभ उन्हें आने वाले बंगाल और असम के चुनावों में मिलता दिखाई देगाI
ऐसे में नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाना, जिन्हें लोग आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष के तोर पर भी देख रहे है, भाजपा का भारतीय राजनीती में अभिनव प्रयोग है और आने वाले समय में इसके दूगामी परिणाम भी हो सकते हैं, जो निश्चित ही राहुल गाँधी के साथ साथ बंगाल में ममता बैनर्जी और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को तो बिलकुल भी पसंद नहीं आने जा रहे हैI


