लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को पदोन्नति दी है। इन सभी को अपर मुख्य सचिव (ACS) का दर्जा दिया गया है। इस सूची में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद और करीबी अधिकारी माने जाने वाले 1995 बैच के IAS संजय प्रसाद का नाम सबसे ऊपर है।
प्रमोशन के बाद संजय प्रसाद, जो पहले प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे, अब अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्य करेंगे। वह प्रदेश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभागों जैसे गृह, सूचना, निगरानी और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का प्रभार संभालेंगे। प्रशासनिक गलियारों में उन्हें हमेशा से ही मुख्यमंत्री के ‘गोल्डन बॉय’ और उनके भरोसे पर खरा उतरने वाला अफसर के रूप में जाना जाता है।
पिछले पांच वर्षों में संजय प्रसाद मुख्यमंत्री के साथ मिलकर कई प्रमुख मिशनों को साकार करने, नीतिगत फैसलों को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी अनुशासित और परिणाम-केंद्रित कार्यशैली उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों की सूची में ऊंचा स्थान दिलाती है।
अधिकारियों का मानना है कि संजय प्रसाद की पदोन्नति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुशल और ईमानदार प्रशासनिक नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनके नेतृत्व और सीएम के सख्त निर्देशों ने राज्य में शासन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इनके अलावा, इस प्रमोशन लिस्ट में चार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी ACS का दर्जा दिया गया है। इनमें आशीष कुमार गोयल, अमृत अभिजात, आर. रमेश कुमार और मुकेश कुमार मेश्रम शामिल हैं। यह सभी अधिकारी अब राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का संचालन करेंगे।
यह कदम योगी सरकार द्वारा प्रशासनिक दक्षता और भरोसेमंद नेतृत्व को महत्व देने के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, एक अन्य फैसले में भुवनेश कुमार, मृत्युंजय कुमार नारायण और संतोष कुमार यादव को लेवल-17 का वेतनमान दिया गया है, लेकिन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उनके नए पदनाम की घोषणा नहीं की गई है।


