नोएडा प्राधिकरण के CEO लोकेश एम ने लोटस बिल्डर से मांगी रिपोर्ट, कहा- निर्माण स्थलों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में डूबकर एक इंजीनियर की दुखद मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) लोकेश एम ने इस मामले में दंडात्मक कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक सेल के एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सेक्टर-150 के निर्माण क्षेत्र के आसपास यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने पर जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सड़क पर ब्लिंकर और संकेतक नहीं लगे होने की शिकायत पर सीईओ ने ट्रैफिक सेल के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंध को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री लोकेश एम ने सख्त चेतावनी दी है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल पुनः निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी कोई दुर्घटना न हो।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, CEO ने संबंधित विभागों को लोटस बिल्डर को आवंटित प्लॉट और उस पर हो रहे निर्माण कार्य की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई शहर के निवासियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि प्राधिकरण किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक को हल्के में नहीं लेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्पोर्ट्स सिटी के प्रभारी एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। सोमवार को फिर से टीम भेजी जाएगी। बिल्डर ने जो खोदाई करवाई है उसको कब प्लॉट का आवंटन हुआ था। अगर नक्शा पास हुआ था तो किस उपयोग के लिए और कब तक के लिए नक्शा पास किया गया था। निर्माण कराने के दौरान खोदाई कराने पर कौन से सुरक्षा उपाय करवाने की जिम्मेदारी बिल्डर की थी। सड़क पर ट्रैफिक सेल या सिविल विभाग से कौन से काम करवाए जाने थे। इन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। एसीईओ ने बताया कि सेक्टर अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना को लेकर प्राधिकरण गंभीर है।


