ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा में सड़क किनारे बने बेसमेंट में कार गिरने और पानी में डूबने से एक इंजीनियर की हो गई दर्दनाक मौत के बाद तत्काल सड़क सुरक्षा सुधार अभियान शुरू कर दिया है। घटना से आहत प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने तुरंत आदेश जारी करते हुए सभी सड़कों पर मौजूद गड्ढों, खतरनाक मोड़ों और अन्य दुर्घटनाग्रस्त स्थानों को चिह्नित कर उनके तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
घटना के तुरंत बाद सीईओ रवि कुमार ने सभी सड़कों पर दिशा संकेतक, रात्रि में दृश्यता सुनिश्चित करने वाले कैट्स आई, प्रतिबिंबित रेखाएं, सुरक्षा बेरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर लगाने के साथ-साथ बिना दीवार वाले नालों में सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, किसी भी मार्ग पर अंधेरा नहीं होना चाहिए – इसके लिए विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को सभी स्ट्रीट लाइट्स की जांच और मरम्मत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन निर्देशों को लागू करते हुए अतिरिक्त सीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने रविवार देर शाम महाप्रबंधक एके सिंह और सभी वर्क सर्किल प्रभारियों के साथ एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक आयोजित की। इस बैठक में सभी सहायक प्रबंधकों, प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत भ्रमण कर गड्ढों, खतरनाक यू-टर्न, ब्लैक स्पॉट और अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया। प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण तीन दिन की समय सीमा निर्धारित की है, जिसके तहत 21 जनवरी तक सभी सुधार कार्य पूर्ण किए जाने हैं।
अभियान की शुरुआत सोमवार से ही कर दी गई है। प्राधिकरण के परियोजना विभाग की टीम, जिसके महाप्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में सभी वर्क सर्किल के अधिकारी फील्ड विजिट कर रहे हैं, खतरनाक लोकेशनों की पहचान कर रहे हैं। इन स्थानों पर तुरंत रोड मार्किंग, पेंटिंग, रेफ्लेक्टर लगाने, बेरिकेडिंग करने और स्पीड ब्रेकर लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

अतिरिक्त सीईओ सुमित यादव ने भी खुद 130 मीटर रोड, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 के प्रमुख सम्पर्क मार्गों का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को सुरक्षा उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर उन्हें तुरंत ठीक करने पर जोर दिया। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले वर्क सर्किल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि प्रत्येक वर्क सर्किल के प्रभारी को एक शपथ पत्र भी जमा करना होगा कि उनके क्षेत्र में सभी खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “सीईओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना विभाग की टीम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
इसके साथ ही, प्राधिकरण ने बिल्डरों को भी निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा मानकों के पालन के लिए निर्देश भेजे हैं। साइटों के आसपास खुले गड्ढे, बिना चिह्नित सीमाएं या बिना बेरिकेडिंग वाले स्थानों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
अंत में, अधिकारियों ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे यातायात के नियमों का पालन करें, सीमित गति पर वाहन चलाएं और रात के समय विशेष सावधानी बरतें। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक आपातकालीन प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि स्थायी सुरक्षा ढांचे के निर्माण की शुरुआत है।


