इसे नोएडा वासियों का दुर्भाग्य ही कहें कि शनिवार रात को नोएडा के सेक्टर 150 में सिस्टम की नकारेपन से डूब कर मरने वाले युवक युवराज के लिए नोएडा के जनप्रतिनिधियों के पास समय नहीं था। मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उठा तो 3 दिन बाद नोएडा के जनप्रतिनिधियों को सुध आई और मंगलवार को भाजपा सांसद महेश शर्मा, विधायक तेजपाल नागर, विपक्ष के नेता सुधीर भाटी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे । लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित एस आई टी की टीम भी जांच के लिए आ रही थी इसलिए मजबूरी में जनप्रतिनिधियों और विपक्ष को यहां पहुंचना पड़ा।

बहराल मंगलवार को भाजपा से सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने सबसे पहले दुर्घटना स्थल पर पहुंचने के बाद पीड़ित पिता के पास मिलने पहुंचे जहां उन्होंने दावा किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, कड़ी कार्यवाही की जाएगी। समस्याओं पर संज्ञान न लेने सवाल उठे तो जनप्रतिनिधियों सांसद डा महेश शर्माऔर विधायक तेजपाल नागर ने दावा किया कि उन्होंने प्राधिकरण को समस्याओं पर पत्र लिखे थे किंतु अधिकारियों ने काम नहीं किया। किंतु दोनों के ही इन बयानों को अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाली बात कही जा रही है। नोएडा के निवासियों ने आरोप लगाए कि अगर सांसदों ने पत्र लिख भी दिए थे तो उनका फॉलोअप क्या था? क्या संसद और विधायक के कार्यालय लोगों की समस्याओं पर पत्र लिखने के बाद यह मान लेते हैं कि कार्यवाही हो गई या उनके पास ऐसा कोई सिस्टम भी है जिसमें पत्रों को भेजे जाने के बाद उसकी जवाबदेही तय की जाती हो कि वह पूर्ण हुई या नहीं हुए ।
वहीं समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी भी अपने दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और विपक्ष की आदत के अनुसार प्राधिकरण पुलिस ओर प्रशासन पर आरोप लगाने के बाद यह दावा किया कि जल्द ही अखिलेश यादव भी नोएडा आएंगे और पीड़ित के पिता से मुलाकात करेंगे ।
नोएडा जैसे हाईटेक शहर में तीन घंटे से अधिक समय मिलने के बाद भी एक नौजवान की जान नहीं बचाया जाना सरकारी तंत्र की पोल खोलता है। पुलिस द्वारा बहादुर डिलीवरी मुनेंद्र को 4 घंटे तक पुलिस थाने में बिठाना और उसे पर बयान बदलने का दवाब बनाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, अपनी विफलता को दबाने के लिए पुलिस बहादुर व्यक्ति परअनैतिक दबाब बना रही है। समाजवादी पार्टी पुलिस की इस अमानवीय व्यवहार ककी कड़ी शब्दों में निंदा करती है और साथ ही पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करती है।
जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी
यद्यपि विपक्ष पर यह सवाल भी उठा की दादरी विधानसभा और गौतम बुद्ध नगर लोकसभा से चुनाव लड़ने वाले राजकुमार भाटी और डॉ महेंद्र नागर कहां है । लोगों ने कहा कि विपक्ष के नेता हमेशा टिकट होने के बाद ही आम जनता के लिए बस चुनाव से पहले दिखाई देते हैं। इसीलिए आज तक बीते तीन चुनाव से विपक्ष जमानत बचाने मैं भी संघर्ष करता दिखाई देता है



