यूजीसी के नए एक्ट के विरोध में गौतम बुद्ध नगर में भी विरोध की पांच अब तेज होने लगी है जगह-जगह बीजेपी के सावन नेताओं द्वारा त्यागपत्र देने और कई भाजपा सांसदों द्वारा इसके विरोध में खुलकर आने के बाद गौतम बुध नगर में भी भाजपा के सांसद डॉ महेश शर्मा और जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा पर त्यागपत्र देने की मांग की जा रही है ।
सोशल मीडिया पर इस तरीके के संदेश अब चल रहे हैं । बुधवार को सोशल मीडिया पर चल रही है एक चर्चा के दौरान एक यूजर ने लिखा सांसद महेश शर्मा पंडित और जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा दोनों स्वर्ण जाति से हैं। दोनों को बीजेपी से इस्तीफा देना चाहिए सभी लोगों से अनुरोध है सामूहिक तौर पर भाजपा का विरोध करें।
एक अन्य यूजर ने लिखा कि यहां तो कोई लोकल नेता बीजेपी का इसके लिए खुलकर बोलने को तैयार नहीं है आपने तो बहुत बड़ी मांग कर दिया। जैसे ही कोई लोकल नेता ने बोल दिया तो पार्टी से बाहर कर देंगे भाई पार्टी से बाहर कर देंगे तो जिंदगी कैसी चलेगी बताओ?
यद्यपि रोचक तथ्य यह है की मांग करने वाले जिले से विधायक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान के इस्तीफा की मांग नहीं कर रहे हैं ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि क्या लोगों को डॉक्टर महेश शर्मा और अभिषेक शर्मा ही समान दिखाई दे रहे हैं या फिर तीसरे का जोर सिर्फ ब्राह्मण नेताओं पर है । या फिर यह श्रवण समाज के जातियों में अपने जाति के विरुद्ध दिखाई दे रहे दूसरी जाति के नेताओं को निपटने की मांग भर है।

इससे पहले मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर में सवर्ण समाज के नाम पर समूह बनाकर एनपी सिंह के शहर के लोगों ने गौतम बुद्ध नगर मजिस्ट्रेट को यूजीसी एक्ट में हो रहे सवर्णों के साथ अन्याय के विरोध में ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से केके मिश्रा, संजय मिश्रा, कमल पांडे, राजेश झा, ललित चौहान समेत कई लोग शामिल रहे ।
कल ही यूजीसी के नए नियम के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा नोएडा महानगर जिला उपाध्यक्ष ने अपना त्यागपत्र दे दिया था उन्होंने यूजीसी के नए नियम को स्वर्ण समाज के बच्चों के विरुद्ध बताये हुए त्यागपत्र दिया । उसी के बाद जिलाध्यक्ष ओर सांसद से त्यागपत्र की मांग जोर पकड़ रही है ।
ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि क्या सवर्ण जाति के नाम पर पद का आनंद ले रहे भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा और तीन बार के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा अपने अपने पदों से दिखावे के तौर पर ही सही त्यागपत्र देने की चर्चा भी करेंगे या फिर पद के लिए वह सवर्णों के साथ विश्वासघात करेंगे ।


