बुल्डोजर से लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी 20 करोड़ रुपए की अवैध इमारत को गिरा दिया गया; आगे भी बिना अनुमति की निर्माण गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNA) ने बुधवार को अधिसूचित ग्राम भनौता के खसरा संख्या 135 पर स्थित 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित अवैद्य निर्माण को ध्वस्त करने के लिए बुल्डोजर चलाया। प्राधिकरण का अनुमान है कि इस संरचना का बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपए था।
भौता के खसरा 135 की जमीन पर अवैध निर्माण की शिकायत प्राप्त होने के बाद, GNA के सीईओ एनजी रवि कुमार ने परियोजना विभाग को निर्देश दिया कि मौजूदा इमारत को तुरंत ध्वस्त किया जाए। इस निर्देश के अन्तर्गत कार्य सर्कल‑2 की टीम ने, प्राधिकरण के सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में, बुल्डोजर द्वारा निर्माण को गिरा दिया।
सम्पूर्ण कार्यवाही के दौरान, प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्माण बिना किसी वैध अनुमति या नक्शा पास के किया गया था, जबकि निर्माणकर्ता ने इस स्थल को कॉलोनाइज़र बाउंड्री कर प्लॉटिंग के तहत ‘क़ानूनी’ बनाने की कोशिश की थी।
प्राधिकरण की चेतावनी और अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ (असिस्टेंट चेयरमैन‑एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) सुमित यादव ने कहा, “अधिसूचित एरिया में बिना अनुमति के कोई भी निर्माण या नक्शा पास किए बिना काम करना क़ानूनी अपराध है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण कड़ी कार्यवाही जारी रखेगा।”
उन्होंने सभी स्थानीय निवासियों और संभावित खरीदारों से अपील की कि किसी भी भू‑संपत्ति को खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क करके पूरी जानकारी प्राप्त कर ली जाए। “अवैध कॉलोनी में निवेश करके गाढ़ी कमाई करने की कोशिश न करें; इससे न केवल आर्थिक नुकसान होगा बल्कि कानूनी समस्याएँ भी उत्पन्न होंगी,” उन्होंने चेतावनी दी।
प्राधिकरण की भविष्य की योजना
परियोजना विभाग के महाप्रबंधक, एके सिंह ने बताया, “भौता के खसरा 135 पर अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर हमने तुरंत कार्यवाही की। दोबारा निर्माण करने पर सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और करावास भी शामिल हो सकता है।”
वे आगे यह भी जोड़ते हैं कि ग्रेटर नोएडा में किसी भी ज़मीनी लेन‑देन में पारदर्शिता और क़ानूनीता सुनिश्चित करने हेतु, प्राधिकरण अपने भूलेख और नक्शा‑पैसिंग प्रक्रियाओं को तेज़ और सुलभ बनाने पर काम कर रहा है।


