ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को शाहबेरी में शत्रु संपत्ति पर बनीं नौ दुकानों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण की यह 17 दिन में सातवीं बड़ी कार्रवाई है। वहीं, अमरपुर में भी पुलिस और प्रशासन के सहयोग से करीब 5000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-1 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में टीम ने शाहबेरी में कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि शत्रु संपत्ति पर बनीं इन दुकानों का निर्माण बिना अनुमति के किया गया था, जिस पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें सील कर दिया।
अमरपुर में 5000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त
इसी दिन प्राधिकरण की टीम ने अमरपुर में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया गया। गांव के ही कुछ लोग इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसको लेकर गांव के दो पक्षों में विवाद भी चल रहा था। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार और जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर वर्क सर्किल-8 के प्रभारी नागेंद्र सिंह, एसीपी अरविंद कुमार चहल, एसएचओ अरविंद कुमार और जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस और पीएसी के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। टीम ने लगभग 5000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस जमीन की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए आंकी गई है। प्राधिकरण अब इस जमीन को तार फेंसिंग कर अपने कब्जे में लेगा।
17 दिन में 7वीं कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पिछले 17 दिनों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखी है। इस दौरान 7 जगहों पर बड़ी कार्रवाई की गई है:
- 20 जनवरी: भनौता में 11340 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई गई।
- 28 जनवरी: हैबतपुर में 6000 वर्ग मीटर जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।
- 29 जनवरी: खेड़ा चौगानपुर में 8 टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैटों को सील किया गया।
- 04 फरवरी: भनौता में 10 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
- बृहस्पतिवार: रोहिल्लापुर में 18 हजार वर्ग मीटर जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।
- शनिवार: शाहबेरी में 9 दुकानों को सील किया गया और अमरपुर में 5000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई गई।
प्राधिकरण की चेतावनी और अपील
ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी सरकारी जमीन पर कब्जा करना गलत है। प्राधिकरण पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर ऐसी जमीनों को मुक्त करने की कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसीईओ ने ग्रेटर नोएडा के निवासियों से अपील की है कि वे कालोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई बर्बाद न करें। ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।


