नवेदिता यादव। चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या को लेकर राज्यसभा सदस्य डॉ. सिकंदर कुमार ने शुक्रवार को संसद में गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए ठोस और दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें चंडीगढ़ मेट्रो परियोजना को प्राथमिकता देने की मांग की गई।
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान, डॉ. कुमार ने चंडीगढ़ की वर्तमान यातायात चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को अक्सर देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है, लेकिन बढ़ते वाहन घनत्व ने यहां की यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है।
वाहन घनत्व और पार्किंग संकट
डॉ. कुमार ने बताया कि शहर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नए वाहन पंजीकृत हो रहे हैं इसके परिणामस्वरूप, चंडीगढ़ का प्रति व्यक्ति वाहन अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक में शामिल हो गया है।
यह स्थिति मुख्य वाणिज्यिक क्षेत्रों में पार्किंग की अपर्याप्त उपलब्धता के कारण और गंभीर हो गई है। कई स्थानों पर सतही पार्किंग (Surface Parking) की सुविधा होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। यह न केवल जाम का कारण बनता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ा देता है।
मेट्रो परियोजना: एक दीर्घकालिक समाधान
बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए, डॉ. कुमार ने चंडीगढ़ को एक आर्थिक रूप से टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मेट्रो परियोजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उनका मानना है कि यदि मेट्रो परियोजना को सही लागत प्रबंधन और बहु-मॉडल परिवहन व्यवस्था (Multi-modal transport system) के साथ लागू किया जाए, तो यह शहर की यातायात समस्या का स्थायी समाधान बन सकती है। उन्होंने भारत सरकार से चंडीगढ़ मेट्रो परियोजना के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का विनम्र अनुरोध किया।
स्थानीय प्रभाव और लाभ
डॉ. कुमार ने इस परियोजना के स्थानीय स्तर पर होने वाले लाभों को रेखांकित किया:
- ट्रैफिक में कमी: मेट्रो के शीघ्र कार्यान्वयन से निजी वाहनों की संख्या सड़कों पर कम होगी, जिससे जाम और सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी।
पर्यावरण सुधार: सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: यह परियोजना केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी साबित होगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी। - डॉ. कुमार ने निष्कर्ष दिया कि मेट्रो शहरवासियों को सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का एक विश्वसनीय विकल्प प्रदान करेगी, जो भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है।


