नोएडा प्राधिकरण में शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। प्राधिकरण ने अपनी कार्यशैली में बदलाव करते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के दोनों डिवीजन और नोएडा ट्रैफिक सेल को समाप्त कर दिया है। अब वर्क सर्कल के प्रभारी अपने क्षेत्र में निर्माण कार्यों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक से जुड़ी योजनाओं की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
जवाबदेही तय करने की कवायद स्थानीय निवासियों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब शिकायतों के निवारण में देरी की गुंजाइश कम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राधिकरण का यह कदम ‘एकीकृत प्रबंधन’ की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। इससे पहले तक सफाई और ट्रैफिक की समस्याओं के लिए अलग-अलग विभागों का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब वर्क सर्कल के प्रभारी सीधे तौर पर इन सभी मुद्दों के लिए जवाबदेह होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और समस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।
वर्क सर्कल के प्रभारियों में बड़ा फेरबदल प्राधिकरण ने 10 में से 9 वर्क सर्कल के प्रभारी अधिकारियों को बदल दिया है। केवल वर्क सर्कल-8 के प्रभारी प्रदीप साहू को पूर्ववत रखा गया है। नई व्यवस्था के तहत वर्क सर्कल-1 और 7 के प्रभारी कपिल सिंह बनाए गए हैं। वहीं, वर्क सर्कल-2 और 5 की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल सिंह को दी गई है। वर्क सर्कल-3 के प्रभारी प्रवीण सलोनिया, वर्क सर्कल-4 के रोहित सिंह, वर्क सर्कल-6 के सत्येंद्र गिरी, वर्क सर्कल-9 के अनिल कुमार और वर्क सर्कल-10 व टीएसी के प्रभारी केवी सिंह बनाए गए हैं।
अधिकारियों को सौंपी गई विशेष जिम्मेदारियां प्राधिकरण ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी है। सिविल विंग में तीन और विद्युत यांत्रिक में एक वरिष्ठ प्रबंधक को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। जीएम एसपी सिंह और एके अरोड़ा को 5-5 वर्क सर्कल की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। जीएम एसपी सिंह अब टेक्निकल ऑडिट सेल के प्रभारी होंगे, जबकि के अरोड़ा उद्यान विभाग के प्रभारी बनाए गए हैं। कूड़ा निस्तारण और प्रबंधन का प्रभार वरिष्ठ प्रबंधक कपिल सिंह को दिया गया है। पर्यावरण सेल, मोबाइल टावर, आईटीएमएस और बीओटी का प्रभार आर के शर्मा संभालेंगे। विद्युत यांत्रिक में अमरजीत सिंह को सर्कल 1 और 2 का प्रभार दिया गया है।
वर्क सर्कल-6 और ट्रैफिक सेल के प्रभारी पर विभागीय जांच शुरू
इस प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही वर्क सर्कल-6 और नोएडा ट्रैफिक सेल के पूर्व प्रभारी विश्वास त्यागी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन पर प्राधिकरण की जमीन पर अतिक्रमण रोकने और ट्रैफिक सेल के दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने के गंभीर आरोप हैं। सेक्टर-74 से 79 क्षेत्र में बिना नक्शा पास करवाए अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा, सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात हुए हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में भी सड़क सुरक्षा के इंतजामों का अभाव सामने आया था। जांच अधिकारी जीएम एके अरोड़ा को बनाया गया है। गौरतलब है कि वर्क सर्कल-6 से 10 की निगरानी का जिम्मा पहले भी एके अरोड़ा के पास था।
बिजली बिलों की वसूली के लिए नई रणनीति
दूसरी ओर, विद्युत निगम ने बकायेदारों से राजस्व वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) के प्रभावहीन होने पर समीक्षा शुरू की है। निगम के अधिशासी अभियंता अब एक-दूसरे के क्षेत्र का भ्रमण कर कार्य की समीक्षा कर रहे हैं और खामियों को दूर करने के सुझाव दे रहे हैं। ब्याज और मूल बकाये पर छूट के बावजूद चुनिंदा उपभोक्ताओं के पहुंचने से राजस्व की वसूली प्रभावित हो रही है।


