प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यमुना सिटी में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर यूनिट की वर्चुअली आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना के साथ ही भारत में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत होने जा रही है।
आपदा में तलाशा अवसर: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौर को याद करते हुए बताया कि उस समय सेमीकंडक्टर की वैश्विक सप्लाई श्रृंखला बाधित होने के कारण दुनिया भर में कई बड़ी कंपनियां बंद होने के कगार पर पहुँच गई थीं। उन्होंने कहा, “उस कठिन समय में भारत ने हार नहीं मानी, बल्कि आपदा में अवसर को तलाशा। हमने निर्णय लिया कि भारत अपनी खुद की सेमीकंडक्टर यूनिट्स स्थापित करेगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी निर्भरता से बचा जा सके। आज वह संकल्प पूरा होने जा रहा है।”
भारत वैश्विक आर्थिक महाशक्ति: सीएम योगी
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया में एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है और विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री ने देश को उभरती हुई तकनीक के एक नए केंद्र के रूप में वैश्विक मंच पर स्थापित किया है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
इम्पैक्ट समिट की सफलता का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के भारत मंडपम में पिछले चार दिनों से चल रहे ‘इम्पैक्ट समिट’ का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस समिट में दुनिया के 110 से अधिक देशों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई और लगभग 10 लाख से अधिक लोगों ने इसमें प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया।
सीएम योगी ने कहा कि इस समिट के माध्यम से भारत के उज्ज्वल भविष्य का विजन दुनिया के सामने रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए मानवता के जीवन को सरल, सुगम और बेहतर बनाना है। इस दूरदर्शी सोच के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।
तकनीकी हब बनेगा उत्तर प्रदेश
यमुना सिटी में इस सेमीकंडक्टर यूनिट के लगने से न केवल हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भारत की विदेशी निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े ‘टेक हब’ के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।


