दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते बच गया। स्विस एयर की उड़ान संख्या LX 147 के इंजन में टेकऑफ के दौरान अचानक आग लग गई। इस घटना में कम से कम छह यात्रियों के घायल होने की सूचना है। हालांकि, पायलट की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और जमीनी कर्मियों की तत्परता के कारण एक बड़ी जनहानि को टाल दिया गया।
घटना का विवरण आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्विस एयर का यह विमान दिल्ली से अपने गंतव्य मार्ग के लिए प्रस्थान करने की प्रक्रिया में था। जैसे ही विमान ने रनवे पर गति पकड़नी शुरू की, उसके एक इंजन से असामान्य और तीव्र ध्वनि सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं। स्थिति की भयावहता को देखते हुए पायलट ने तत्काल ‘एबॉर्ट टेकऑफ’ (टेकऑफ रोकने) का निर्णय लिया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को आपात स्थिति की सूचना दी।
आपातकालीन कार्रवाई और बचाव अभियान सूचना मिलते ही हवाई अड्डे पर तैनात दमकल विभाग और आपातकालीन बचाव दल सक्रिय हो गए। कुछ ही मिनटों के भीतर दमकल कर्मियों ने इंजन में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन करते हुए, विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया के दौरान छह यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
परिचालन पर प्रभाव और जांच इस घटना के कारण हवाई अड्डे के संबंधित रनवे पर विमानों का आवागमन कुछ समय के लिए बाधित रहा। स्थिति सामान्य होने के बाद रनवे को पुनः संचालन के लिए खोल दिया गया। विमानन नियामक संस्थाओं और संबंधित एयरलाइन ने इस तकनीकी विफलता की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों के अनुसार, इंजन के भीतर उत्पन्न किसी गंभीर तकनीकी खराबी को ही आग लगने का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट द्वारा सही समय पर लिया गया फैसला और हवाई अड्डा टीम का त्वरित रिस्पांस सुरक्षा मानकों की प्रभावशीलता को दर्शाता है। फिलहाल, विमान को तकनीकी परीक्षण के लिए हैंगर में भेज दिया गया है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।


