कोलकाता, 2 मई 2024: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के रुझानों ने राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि में एक नए युग का संकेत दे दिया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताज़ा रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी 198 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस मात्र 89 सीटों पर अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल नज़र आ रही है। यह स्थिति पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे बड़े परिवर्तनों में से एक को दर्शाती है।
ऐतिहासिक क्षण: भाजपा ने पार किया बहुमत का आंकड़ा
चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों ने राज्य की राजनीतिक धारा को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में बहुमत का मनोराज्यक अंक पार कर लिया है और 198 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है। इसके विपरीत, पिछले दस वर्षों से राज्य पर शासन करने वाली तृणमूल कांग्रेस 100 सीटों के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से नीचे गिर गई है और मात्र 89 सीटों पर आगे चल रही है। यह स्थिति राज्य की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक गंभीर राजनीतिक संकट का संकेत देती है, जिनकी पार्टी 2011 के बाद से लगातार सत्ता में काबिज थी।
कोलकाता में भाजपा के राज्य मुख्यालय पर जश्न की तैयारियां
सुबह से ही शुरू हो गईं थीं, और जैसे-जैसे रुझान स्पष्ट होते गए, कार्यकर्ताओं का उत्साह तेज़ी से बढ़ता गया। पार्टी कार्यालय के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में समर्थकों की बड़ी संख्या एकत्र हो गई, जो तिरंगे लहराते हुए और पार्टी के जयकार लगाते हुए नज़र आए। यह दृश्य पिछले कई वर्षों में पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्षी पार्टी के लिए अभूतपूर्व था। भाजपा स्तरों की माने तो शाम 6 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे
कार्यकर्ताओं में उत्साह, महिला ने याद की वाजपेयी जी की पंक्तियां
भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखते ही बनता था। पार्टी मुख्यालय के भीतर और बाहर हर तरफ खुशी की लहर दिखाई दी। एक महिला कार्यकर्ता ने भावुक होते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की उन प्रसिद्ध पंक्तियों को याद किया जो दशकों से भाजपा के समर्थकों के मन में गूंजती रही हैं। उन्होंने कहा, “आज वाजपेयी जी की वो पंक्तियां याद आ रही हैं कि सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा और अंधेरा छंटेगा। आज बंगाल का अंधेरा छंट गया है।” यह उद्धरण उस आशा और विश्वास को दर्शाता है जो लंबे समय से पश्चिम बंगाल के भाजपा समर्थकों के मन में था और जो आज साकार होती दिखाई दे रही है।

पार्टी कार्यालय में जश्न के दौरान भाजपा नेताओं ने पारंपरिक बंगाली स्नैक्स ‘झालमुरी’ और ‘रसगुल्ले’ का वितरण किया। यह न केवल एक जश्न का तरीका था, बल्कि इसने स्थानीय संस्कृति के प्रति पार्टी की श्रद्धा और बंगाली पहचान को स्वीकार करने का संदेश भी दिया। कार्यकर्ताओं ने इन व्यंजनों को साझा करते हुए एक-दूसरे को बधाइयां दीं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने लगे। मुख्यालय के भीतर मिठाइयों और नमकीनों की वितरण प्रक्रिया इस कदर व्यवस्थित थी कि यह स्पष्ट था कि पार्टी ने इस परिणाम के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी।
शिवराज सिंह चौहान का बयान: यह भारत की विजय है
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने इस ऐतिहासिक जीत पर गहरी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में कहा, “मैं बचपन से भारतीय जनसंघ से जुड़ा था जिसकी स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। हमेशा से इतना ही सवाल था कि बंगाल में कब सरकार बनेगी। बरसों की आस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी हुई है। उनका बलिदान सार्थक हुआ है।”
शिवराज सिंह ने इस जीत को केवल एक राज्य की राजनीतिक जीत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ में देखा। उन्होंने कहा, “यह केवल बंगाल की विजय नहीं है। यह भारत की विजय है। बंगाल में जो हो रहा था, वह वोट बैंक की राजनीति के कारण हो रहा था। अवैध घुसपैठ ने बंगाल को तबाह कर दिया था। वहां अराजकता थी और इसकी जिम्मेदार वहां की सरकार टीएमसी थी।” उनके इस बयान में पिछले कई वर्षों से पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक और सामाजिक विवादों का संदर्भ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


