ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को प्राधिकरण के दस्ते ने दो गांवों—ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 62,500 वर्ग मीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। मुक्त कराई गई इस सरकारी जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 125 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, कुछ कॉलोनाइजर प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध रूप से प्लॉटिंग करने और कॉलोनी बसाने की फिराक में थे।
नियोजित तरीके से की गई कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देशों पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि कॉलोनाइजर ननवा का राजपुर के खसरा संख्या 40 व 41 की करीब 37,500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे थे।
इसकी सूचना मिलने पर परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रबंधक राकेश बाबू और मिथिलेश कुमार सहित प्राधिकरण की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

इसी तरह, अटाई मुरादपुर के खसरा संख्या 626 की 25,000 वर्ग मीटर जमीन पर भी कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां भी बुल्डोजर चलाकर निर्माण को ढहा दिया। दोनों गांवों को मिलाकर कुल 62,500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
प्राधिकरण की आम जनता से अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने इस कार्रवाई पर कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या बिना मंजूरी के कॉलोनी बसाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों को आगाह करते हुए अपील की कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में भूखंड खरीदकर अपनी गाढ़ी कमाई को जोखिम में न डालें। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कोई भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।




