दादरी विधानसभा: भाजपा टिकट के दावेदारों की सूची हुई छोटी, सत्येंद्र अवाना और निर्मल तंवर को मिली राष्ट्रीय युवा मोर्चा में जिम्मेदारी, प्रश्न वही कि आखिर में कौन बनेगा भाजपा से दादरी का नया दावेदार?

आशु भटनागर
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आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश की दादरी विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे नेताओं की सूची लगातार छोटी होती जा रही है। हाल ही में, टिकट की दौड़ में आगे चल रहे सत्येंद्र अवाना और खिलाड़ी निर्मल तंवर को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य नियुक्त किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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दावेदारों को संगठन में मिल रही है जिम्मेदारी

वर्तमान में दादरी से भाजपा के विधायक तेजपाल नागर हैं। आगामी चुनाव के लिए इस सीट से लगभग तीन दर्जन लोगों ने टिकट की दावेदारी पेश की थी। हालांकि, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व रणनीति के तहत इन दावेदारों को विभिन्न मोर्चों और संगठनों में पद देकर उनकी भूमिका तय कर रहा है। इसी क्रम में, खुद को टिकट की रेस में सबसे आगे बताने वाले सत्येंद्र वन और निर्मल तंवर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल कर स्पष्ट संकेत दे दिया गया है कि वे अब प्रत्यक्ष रूप से टिकट की दौड़ से बाहर हो चुके हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही पिछले छह महीनों से तीन दर्जन से अधिक लोग अपनी दावेदारी ठोक रहे थे, लेकिन उनमें से अधिकांश संगठन या सरकार में पद पाने के इच्छुक थे, जो अब पार्टी द्वारा पूरा कर दिया गया है।

दादरी की स्थानीय राजनीति पर गहरी नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजेश बैरागी का दावा है कि इस सीट पर टिकट के लिए असली मुकाबला किसी और के बीच है, जिसका खुलासा टिकट घोषणा के समय ही होगा। विश्लेषकों के अनुसार, नवाब सिंह नागर के क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से वर्तमान विधायक तेजपाल नागर के टिकट मिलने की संभावनाओं पर विराम सा लग गया है, और यहीं से नए प्रत्याशी की तलाश का खेल शुरू होता है।

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दो दिग्गज नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई

दादरी विधानसभा सीट पर वर्चस्व की यह लड़ाई मूल रूप से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉ. महेश शर्मा और वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह नागर के बीच मानी जाती है। पिछले 15 वर्षों से इसी राजनीतिक समीकरण के इर्द-गिर्द दादरी की राजनीति घूमती रही है।

हाल ही में नवाब सिंह नागर के क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने को डॉ. महेश शर्मा के राजनीतिक प्रभाव के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार डॉ. महेश शर्मा कैंप के माने जाने वाले वर्तमान विधायक तेजपाल नागर के स्थान पर सुरेंद्र सिंह नागर गुट का पलड़ा भारी रह सकता है और उसी के अनुसार तैयारी भी चल रही है।

फिलहाल, सभी की निगाहें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा टिकट की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। टिकट वितरण के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि दादरी के इस राजनीतिक ऊंट किस करवट बैठता है और दोनों दिग्गज नेताओं में से किसकी रणनीति सफल होती है।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे