नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम के मिजाज में बदलाव आते ही हवा का असर अब सेहत पर भारी पड़ने लगा है। दिन में तेज धूप और रात के समय बढ़ती हल्की ठंड के बीच प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़कर ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली-NCR के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में रात का तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। शाम होते ही हवा की रफ्तार सुस्त पड़ने के कारण गाड़ियों का धुआं और धूल जमीन के करीब ही ‘ट्रैप’ हो रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के पूसा और पंजाबी बाग के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
पर्यावरण मंत्री के अनुसार, यह पिछले कई सालों में पहली बार है जब सीजन में इतनी देर से ग्रैप (GRAP) लागू करने की नौबत आई है।
GRAP-1 लागू: क्या होंगे नए प्रतिबंध?
प्रदूषण के बिगड़ते स्तर को देखते हुए ग्रैप-1 के तहत निम्नलिखित पाबंदियां और निर्देश जारी किए गए हैं:
तंदूर पर पाबंदी: होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कोयले या लकड़ी वाले तंदूर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
निर्माण कार्य: निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल रोकने के लिए ‘एंटी-स्मॉग गन’ का उपयोग अनिवार्य होगा।
साफ-सफाई: सड़कों पर धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव और मशीनों से सफाई के काम में तेजी लाई गई है।
जुर्माना: खुले में कूड़ा या सूखे पत्ते जलाने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
सरकार का एक्शन प्लान और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी
प्रदूषण से निपटने के लिए करीब 30 अलग-अलग एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। सरकार 1 नवंबर से मेट्रो को छोड़कर अन्य पार्किंग फीस को दोगुना करने पर विचार कर रही है ताकि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सड़कों की मरम्मत और AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों (अस्थमा आदि) को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह और देर शाम की सैर से बचें और बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग जरूर करें।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग दें।



