गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सोमवार को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाते हुए लगभग 50 बीघा क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को ढहा दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रवर्तन जोन-3 के प्रभारी अशोक जैन और सचिन चौधरी ने किया, जिन्होंने फ्रेंड्स कॉलोनी, ग्राम मटियाला और रसूलपुर सिकरोड़ा में ध्वस्तीकरण कार्यवाही शुरू की।
इस अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय भू-मालिक और कथित विकासकर्ताओं द्वारा बिना वैध अनुमोदन के सड़क, नाली और बाउंड्री वॉल जैसी मूलभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया था। इन अवैध निर्माणकर्ताओं में मो. आजाद, सतीश, मो. अली, मो. सोहब अली, आसिफ और मो. अकबर शामिल थे। जीडीए की टीम ने इन बाउंड्री वॉल, सड़कों और नालियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया, हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने भारी विरोध प्रकट किया।
इस दौरान स्थानीय पुलिस, मसूरी थाना बल, और प्राधिकरण पुलिस की कड़ी निगरानी में कार्यवाही पूरी की गई। ध्वस्तीकरण कार्यवाही के सभी चरणों में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, मेट, सुपरवाइजर और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
जीडीए ने इस अवसर पर स्थानीय निवासियों से यह स्पष्ट अपील की है कि वे अनधिकृत कॉलोनियों में भूखंड न खरीदें, क्योंकि ऐसे निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि इनसे भविष्य में जल, विद्युत, और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का यह अभियान न केवल अतीत की गलतियों को ठीक करने का प्रयास है, बल्कि भविष्य में अनुशासित और वैध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। प्राधिकरण की यह स्पष्ट मंशा है कि अब बिना स्वीकृति के कॉलोनियों का विकास नहीं किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों के लिए यह एक संदेश है कि उन्हें अवैध निर्माणों से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए और प्राधिकरण द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। जीडीए की कड़ी कार्रवाई अवैध कॉलोनी माफिया के खिलाफ एक बड़ा प्रहार है और विकास का रास्ता केवल नियमों के दायरे में ही होगा।