गौतमबुद्धनगर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। पिछले कुछ समय से गैस बुकिंग के पारंपरिक टेलीफोन नंबरों के व्यस्त रहने या कनेक्ट न होने के कारण आम जनता में भारी असंतोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अब अपनी बुकिंग के लिए पुराने तरीकों को छोड़कर आधुनिक और त्वरित डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करें।
भ्रामक स्थितियों से बचें, डिजिटल बनें जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मोबाइल नंबर व्यस्त होने के कारण उपभोक्ताओं के बीच गैस की कमी या आपूर्ति में बाधा जैसी अफवाहें फैल रही हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं। यह समय की मांग है कि हम तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। जब गैस कंपनियों ने नेशनल स्तर पर स्मार्ट बुकिंग मॉडल्स तैयार किए हैं, तो उपभोक्ताओं को बार-बार फोन मिलाने की परेशानी से बचना चाहिए।

आपकी उंगलियों पर हैं ये डिजिटल विकल्प: प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित डिजिटल माध्यमों की सूची जारी की है:
व्हाट्सएप बुकिंग: 7588888824 पर मैसेज भेजें।
मिस्डकॉल सेवा: 8454955555 पर केवल एक मिस्ड कॉल दें।
sms/IVRS: 7718955555 का उपयोग करें।
इंडियन ऑयल वन ऐप: स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे आसान तरीका।
पोर्टल: https://cx.indianoil.in या भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) का विकल्प।



सम्पादकीय सलाह – बदलते समय में बदलती रणनीतियां
वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में हो रही अस्थिरता और बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। यह एक बड़ा बदलाव है जिसे उपभोक्ताओं को समझना होगा। हालांकि, बाजार में गैस संकट की खबरें समय-समय पर चिंता बढ़ाती हैं, लेकिन सही योजना और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से इस समस्या को हल किया जा सकता है।
उबाल आते ही आंच धीमी करें — LPG की समझदारी भरी बचत करें।
उबाल के बाद तेज़ आंच रखने से खाना जल्दी नहीं पकता, सिर्फ़ गैस ज़्यादा खर्च होती है।
धीमी आंच अपनाकर 25% तक LPG बचाएं, बिना अतिरिक्त समय गंवाए।
छोटी आदत, बड़ी बचत- ऊर्जा संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। याद रखें: उबाल आते ही आंच धीमी करें — यही है समझदारी!
इंडक्शन चूल्हा: एक स्मार्ट बैकअप (संपादकीय राय) एलपीजी के बढ़ते दामों और बुकिंग की वेटिंग लिस्ट के बीच, अब समय है कि घर के किचन में एक वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इंडक्शन चूल्हा इस समय सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है।
खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान: एक जागरूक उपभोक्ता होने के नाते, आपको पता होना चाहिए कि कौन सा इंडक्शन चूल्हा आपके बिजली के बिल को संतुलित रखेगा।
वॉटेज (Wattage): आमतौर पर 2000 Watts (2kW) का इंडक्शन घरेलू उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि, बाजार में 800W से शुरू होने वाले चूल्हे भी उपलब्ध हैं। जितना अधिक वाट, उतनी अधिक बिजली की खपत।
BIS मार्क: हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रमाणित चूल्हा ही खरीदें, जो सुरक्षा और बिजली बचत की गारंटी देता है।
फीचर्स: ऑटो-कट और बिजली बचाने वाले खास फीचर्स वाले मॉडल ही चुनें।
देखा जाए तो जहाँ एक और गौतमबुद्धनगर प्रशासन की पहल न केवल बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं के समय की भी बचत करेगी। वहीं डिजिटल क्रांति के इस दौर में उपभोक्ताओं को भी अपनी आदतों में बदलाव लाना चाहिए। एलपीजी पर निर्भरता के साथ-साथ सौर ऊर्जा या बिजली आधारित विकल्पों (इंडक्शन) को अपनाना भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक समझदारी भरा कदम होगा।


