नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में सोमवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मौसम ने अचानक एक उग्र करवट ली। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुरूप, तेज धूल भरी आंधी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। शाम होते-होते आसमान में धूल की चादर बिछ गई, जिससे न केवल दृश्यता (Visibility) कम हुई, बल्कि सड़क पर चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें भी काफी बढ़ गईं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। इसके प्रभाव से पाकिस्तान और राजस्थान के थार मरुस्थल से उठी धूल भरी हवाएं दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गई हैं। यह विडंबना ही है कि विकास की ऊंचाइयों को छूता यह महानगर प्रकृति के इन झोंकों के सामने अक्सर बेबस नजर आता है। जहां एक ओर यह आंधी भीषण गर्मी से राहत का संदेश लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर इसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
40-60 किमी की रफ्तार और बिजली संकट
आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे के बीच दर्ज की गई। नोएडा की गगनचुंबी इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए यह अनुभव काफी डरावना रहा, जहां तेज हवाएं खिड़कियों और शीशों से टकराकर तेज आवाजें पैदा कर रही थीं। इस मौसम का सबसे बुरा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने और तारों के टूटने की खबरें आईं, जिससे बिजली घंटों तक गुल रही। यह स्थिति हमारे शहरी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की मजबूती पर भी सवालिया निशान लगाती है कि क्या हम प्रकृति के इन सामान्य बदलावों को झेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं?
भले ही धूल और आंधी ने लोगों को परेशान किया हो, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान एक सुकून भरी खबर भी दे रहा है। विभाग के अनुसार, आंधी के बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू (Loo) झेल रहे दिल्लीवासियों को तापमान में गिरावट के साथ बड़ी राहत मिल सकती है।


