नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विशाल औद्योगिक तंत्र को देखते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध निर्णय लिया है। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों, श्रमिक असंतोष और कानून-व्यवस्था की बढ़ती जटिलताओं को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अब विशेष रूप से ‘पुलिस उपायुक्त (इंडस्ट्रियल)’ का पद सृजित करने का फैसला किया है।
औद्योगिक आधार और बढ़ता दायरा नोएडा और ग्रेटर नोएडा का क्षेत्र भारत के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक है। वर्तमान में यहाँ तीन जोनों में लगभग 15,000 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं, जिनमें लघु, मध्यम उद्योगों से लेकर बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) शामिल हैं। इन इकाइयों में करीब चार लाख श्रमिक कार्यरत हैं। बढ़ती आबादी और उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ हाल के दिनों में श्रमिक असंतोष और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ी हैं, जिसके कारण पुलिस के लिए इस क्षेत्र की निगरानी एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
क्या होगा नई व्यवस्था का स्वरूप?
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा गठित इस विशेष विंग का लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र के सभी हितधारकों के बीच एक सेतु का कार्य करना है।अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एक विस्तृत SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करके जारी करेंगे। इस पद के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
सीधा संवाद: लघु, मध्यम, राष्ट्रीय एवं मल्टीनेशनल कंपनियों से लगातार संवाद स्थापित करना, श्रमिक संगठनों और व्यक्तिगत श्रमिकों की शिकायतों का त्वरित निवारण।
समन्वय: विभिन्न सरकारी विभागों और औद्योगिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।
अनुपालन: उत्तर प्रदेश और भारत सरकार द्वारा लागू श्रम कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना।
त्वरित रिपोर्टिंग: औद्योगिक विवादों की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्रीय पुलिस को तत्काल सूचना देना।
टीम की संरचना और संपर्क इस नए विभाग को प्रभावी बनाने के लिए 25 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें एक सहायक पुलिस आयुक्त (इंडस्ट्रियल), तीन निरीक्षक और अन्य रैंक के पुलिसकर्मी शामिल होंगे। श्रमिकों और उद्यमियों की सुविधा के लिए पुलिस उपायुक्त (इंडस्ट्रियल) का आधिकारिक मोबाइल नंबर 8595902508 जारी किया गया है।
भविष्य की राह अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) को इस प्रस्ताव का विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे तीन दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक (लखनऊ) को भेजा जाएगा ताकि इस पद को स्थायी स्वरूप दिया जा सके।
पूरी घोषणा पर नोएडा अपेरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) के ललित ठुकराल का मानना है कि यह कदम न केवल निवेश के लिहाज से नोएडा की छवि को बेहतर करेगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी विवादों को कम करने और एक सुरक्षित कामकाजी वातावरण बनाने की दिशा में एक सकारात्मक होगा। महिला कामगारों की संख्या अधिक होने के चलते अगर इसमें महिला अपुलिस कर्मियों की संख्या अधिक हो तो ये वयवस्था कारगार होने के साथ साथ मानवीय तोरपर भी प्रभावशाली सिद्ध होगी।
नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि हम इसकी मांग पिछले कई वर्षी से कर रहे थे , पहले भी नोएडा के सेक्टर 20 में सीओ (औधोगिक) का पद होता था जिसे समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में समाप्त कर दिया गया था I अब इसके पुन: आने इसके श्रमको और उधमियो को राहत मिलेगी, विवादों का शीघ्र हल होगा।


