नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के संचालन की राह में आ रही सबसे बड़ी अड़चन आखिरकार दूर हो गई है। हाल ही में जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एयरपोर्ट की लीडरशिप टीम में बड़ा फेरबदल किया गया है, जिसके तहत अब नीतू समरा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) होंगी।
नियमों के पालन के लिए किया गया बदलाव यह संगठनात्मक बदलाव ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किया गया है। सरकारी नियमों के अनुसार, भारत में किसी भी एयरपोर्ट के CEO का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। ‘सिविल एविएशन सिक्योरिटी (AVSEC) ऑर्डर, 2011’ के तहत, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का CEO सुरक्षा समन्वयक (Security Coordinator) की भूमिका भी निभाता है, जिसके चलते गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी और BCAS की जांच के लिए स्थानीय नागरिकता आवश्यक है।
नीतू समरा को मिली जिम्मेदारी
नीतू समरा ने तत्काल प्रभाव से अंतरिम CEO के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे अक्टूबर 2021 से एयरपोर्ट के साथ चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के रूप में जुड़ी हुई थीं। प्रोजेक्ट के वित्तीय प्रबंधन, शासन और रणनीतिक योजना में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे तब तक इस पद पर बनी रहेंगी जब तक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स औपचारिक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।
क्रिस्टोफ श्नेलमान की नई भूमिका
अगस्त 2020 से CEO का पद संभाल रहे स्विस नागरिक क्रिस्टोफ श्नेलमान अब एयरपोर्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ‘एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन’ के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। श्नेलमान अपने अनुभव के साथ प्रोजेक्ट के संचालन और बदलाव की प्रक्रिया में निरंतर अपना सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
संचालन शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से ही कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई थी। हालांकि, पूर्व CEO क्रिस्टोफ श्नेलमान की विदेशी नागरिकता नियमों के तहत सुरक्षा मंजूरी में बाधा बन रही थी, जिससे संचालन में देरी हो रही थी।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन डैनियल बिरचर ने इस बदलाव पर कहा, “यह कदम न केवल हमें BCAS की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाता है, बल्कि लीडरशिप में निरंतरता भी सुनिश्चित करता है। हमारी टीम स्पष्ट और पारदर्शी शासन के साथ एयरपोर्ट के सुचारू संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
इस बदलाव के साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सुरक्षा और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए जल्द ही अपनी पूरी क्षमता के साथ कमर्शियल उड़ानें शुरू कर सकेगा, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए एक बड़े उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।


