13 अप्रैल को वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान सेक्टर‑63 में कई वाहनों में आग लगाने वाले एक और आरोपी को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान नरेश कुमार (पिता का नाम छोटेलाल) के रूप में की है। वह लगभग 45 वर्ष के, ग्राम जैतीखेडा (थाना कल्याणपुर, फतेहपुर) के निवासी हैं और वर्तमान में चोटपुर (थाना सेक्टर‑63, गौतमबुद्धनगर) में रह रहा था।
जांच में पता चला है कि नरेश महाविरा कंपनी, सेक्टर‑63 के परिसर में टेलर के रूप में कार्यरत था। इस कंपनी के भीतर उन्होंने कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाया और आंदोलन में शामिल हो कर नारेबाजी की, जिसके बाद वे सीधे कार्रवाई में उतर पड़े।
वाहन‑आगजनी की घटना
- स्थान – सेक्टर‑63 के विपुल मोटर्स के सामने, जहाँ पहले से भीड़ इकट्ठी थी।
- सामान्य क्रम – 35 सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पता चला कि नरेश ने अपने साथियों के साथ अनुशासित ढंग से कई चार‑पहिया और दो‑पहिया वाहनों में आग लगाई।
- विधि – गाड़ियों को जला‑जला कर जलने तक पहुँचा दिया गया और लोहे के पाइप से तोड़‑फोड़ कर अन्य वाहनों में भी आगजनी की गई।
पुलिस ने 35 सीसीटीवी क्लिपों में नरेश को स्पष्ट रूप से आगजनी करते हुए पहचाना। इन साक्ष्यों के आधार पर उसका गिरफ़्तार करना सुनिश्चित किया गया।
पूर्व सक्रियता और अन्य कनेक्शन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नरेश ने हरियाणा के मानेसर में 2022‑23 के श्रमिक आंदोलन में भी भाग लिया था। उनके मोबाइल से श्रमिक यूनियन से जुड़ी कई बातचीत और दस्तावेज़ बरामद किए गए, जिससे उनका इन घटनाओं से जुड़ाव स्पष्ट हुआ।

भागने की कोशिश और मोबाइल सिम पोर्टिंग
आतंक का बाद नरेश ने नोएडा से भागने की कोशिश की। पकड़े जाने की आशंका से वह अपना मोबाइल सिम अन्य सर्विस प्रदाता पर पोर्ट करवा चुका था, जिसे पुलिस ने तत्काल बरामद किया। सिम पोर्ट के रिकॉर्ड ने उसके चलन‑चलन को भी पुष्टि किया।
आंदोलन का पृष्ठभूमि
13 अप्रैल को नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की मांग पर श्रमिकों ने शांतिपूर्ण रैलियों और धरनों का आयोजन किया था। कुछ हिस्सों में असहयोग और ध्वनि‑विज्ञान कार्रवाई हुई, पर अधिकांश आंदोलन शांति‑पूर्वक समाप्त हुए। सेक्टर‑63 में हुई वाहन‑आगजनी ने स्थानीय व्यापारियों और सामान्य नागरिकों को असहज कर दिया, जिससे पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े।
आगे की प्रक्रिया
नरेश कुमार को अब निवारक जमानत के बिना जेल में प्रतिरूप किया गया है। उन्हें आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना के आरोपों में हिरासत में रखी गई है। मामला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ साक्ष्य‑संग्रह और गवाहियों के आधार पर अंतिम निर्णय दिया जाएगा।


