उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) में लंबे समय से तैनात कई वरिष्ठ अधिकारियों और प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) सहित विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों में स्थानांतरित किया गया है।
इस फेरबदल को औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरणों में लंबे समय से जमे अधिकारियों को बदलने का निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर लिया गया है, जिसका उद्देश्य नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लाना है।
अहम विभागों के अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जारी तबादला सूची के अनुसार, कई अहम विभागों के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है, जिन्हें प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक विकास परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी
बृजपाल सिंह: यमुना प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (विद्युत यांत्रिकी) के पद पर तैनात बृजपाल सिंह को अब यूपीसीडा (UPSIDA) भेजा गया है।
प्रवीण सलोनिया: नोएडा प्राधिकरण से जुड़े प्रवीण सलोनिया को यूपीसीडा के अयोध्या स्थित खंड-6 की जिम्मेदारी दी गई है। यह क्षेत्र प्रदेश की उभरती औद्योगिक परियोजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजेंद्र सिंह: नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग में कार्यरत राजेंद्र सिंह को अब यूपीसीडा में ‘वास्तुविद नियोजन’ के पद पर तैनात किया गया है।
सुधीर कुमार: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वास्तुविद नियोजन विभाग से जुड़े सुधीर कुमार का भी ट्रांसफर यूपीसीडा कर दिया गया है।
आलोक अग्रवाल: सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े आलोक अग्रवाल को भी नई जिम्मेदारी देते हुए यूपीसीडा भेजा गया है।

यह व्यापक फेरबदल प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति में तेजी लाने और नई परियोजनाओं को सुचारु रूप से क्रियान्वित करने की उम्मीद जताई जा रही है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार अपने औद्योगिक गलियारों और निवेश अनुकूल माहौल को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।


