मुजफ्फरनगर। ब्राह्मणों की तुलना वैश्या से करने के प्रकरण की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि जाट और गुर्जर समुदाय की महिलाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे जिले सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा चढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। यह कार्यक्रम दिग्गज किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। आरोप है कि इस कार्यक्रम के दौरान राजकुमार भाटी ने महिलाओं को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें अपमानजनक और विवादित माना जा रहा है। इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक समूहों में रोष फैल गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
थाना सिविल लाइन प्रभारी (इंस्पेक्टर) महावीर सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी राजकुमार भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, जाति या भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और धारा 356 (मानहानि से संबंधित) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

पश्चिमी यूपी में बढ़ता आक्रोश
राजकुमार भाटी के इस बयान के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई सामाजिक और हिंदू संगठनों ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है और भाटी की गिरफ्तारी की मांग की है। मुजफ्फरनगर में पिछले दो दिनों से यह मुद्दा सार्वजनिक चर्चा और विरोध का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
इस कानूनी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आगामी चुनावों और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है और मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही है।


