ग्रेटर नोएडा वेस्ट। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक तेंदुए के कथित रूप से दिखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से स्थानीय निवासियों और आसपास के गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि, वन विभाग ने इस वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे 11 दिन पुराना बताया है और तेंदुए की पुष्टि से इनकार किया है।
वायरल वीडियो ऐमनाबाद गांव के समीप का बताया जा रहा है। वीडियो में एक जानवर खड़ा हुआ और फिर आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे ग्रामीणों ने तेंदुआ होने का दावा किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद आसपास के गांवों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों में भी हड़कंप मच गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एओए (AOA) और बिल्डर प्रबंधन ने सुरक्षा गार्डों को कड़ी चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग और पुलिस की जांच मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाके की गहन जांच की।
वन विभाग के क्षेत्रीय प्रभारी रामअवतार चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया था। हालांकि, जांच के दौरान मौके पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे किसी हिंसक जानवर (तेंदुए) के होने की पुष्टि हो सके। वन विभाग के अनुसार, यह वीडियो करीब 11 दिन पुराना है और वीडियो में दिखने वाला जानवर तेंदुआ न होकर ‘फिशिंग कैट’ (मछली बिल्ली) होने की आशंका है।

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में वन्यजीवों के दिखने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं। करीब सात-आठ साल पहले सादुल्लापुर गांव में एक तेंदुआ पकड़ा गया था। इसके अलावा, अजनारा होम्स सोसायटी के बेसमेंट में तेंदुआ देखे जाने की अफवाह भी उड़ी थी, जिसके बाद वन विभाग ने कई दिनों तक सर्च अभियान चलाया था।
फिलहाल, वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन एहतियात के तौर पर सतर्कता जरूर बरतें।





