ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर 18 में बनने वाले नए मुख्य कार्यालय के निर्माण कार्य की निगरानी अब एक स्वतंत्र इंजीनियरिंग एजेंसी करेगी। यह एजेंसी परियोजना के पहले और दूसरे दोनों चरणों के निर्माण और उसकी गुणवत्ता की बारीकी से निगरानी कर अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण अधिकारियों को सौंपेगी। प्राधिकरण ने इस इंजीनियरिंग एजेंसी के चयन के लिए प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किए हैं। वहीं, कार्यालय भवन का निर्माण करने वाली मुख्य एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में है।
वर्तमान में यमुना प्राधिकरण का कामकाज ग्रेटर नोएडा के ओमेगा सेक्टर स्थित कार्यालय से संचालित हो रहा है। प्राधिकरण अब अपना खुद का भव्य मुख्य कार्यालय यीडा के सेक्टर 18 में बनाने जा रहा है। इस पूरी परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में प्रशासनिक भवन और विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और ऑडिटोरियम सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ढाई साल में पूरा होगा काम, 257 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
प्रस्तावित मुख्य कार्यालय पांच मंजिला होगा, जिसके निर्माण पर लगभग 257 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना को ढाई (2.5) वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यालय का कुल क्षेत्रफल 27,800 वर्ग मीटर होगा, जिसमें से 8,340 वर्ग मीटर क्षेत्र में कॉमन फैसिलिटीज (साझा सुविधाएं) विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, परिसर में सुंदर पार्क और लगभग 700 वाहनों की क्षमता वाली एक बड़ी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
पांच मंजिला इमारत का ऐसा होगा खाका:
सुरक्षा और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए भवन के प्रत्येक तल को व्यवस्थित रूप से विभाजित किया गया है:

भूतल (Ground Floor): रिसेप्शन, पुलिस व सिक्योरिटी सिस्टम और मार्केटिंग विभाग।
प्रथम तल (First Floor): संपत्ति विभाग, अकाउंट्स और वित्त विभाग।
द्वितीय तल (Second Floor): भूमि और उद्योग विभाग।
तृतीय तल (Third Floor): परियोजना विभाग।
चतुर्थ तल (Fourth Floor): नियोजन विभाग।
पंचम तल (Fifth Floor): प्रशासनिक कार्यालय, जिसमें चेयरमैन, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के कक्ष होंगे।
1 सितंबर तक कंपनियां दे सकेंगी प्रस्ताव
यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कार्यालय के निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी (इंजीनियरिंग) एजेंसी का चयन किया जा रहा है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक कंपनियां आगामी 1 सितंबर तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। इसके साथ ही, निर्माण कार्य शुरू करने के लिए मुख्य निर्माण एजेंसी का चयन भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।



