समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में गरमागरमी बढ़ गई है। सपा ने जिला प्रशासन पर कार्यक्रम की अनुमति न देने का आरोप लगाते हुए इस दौरे को रद्द कर दिया है। वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। इस राजनीतिक खींचतान को लेकर स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं के बीच उत्सुकता और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रशासन ने नहीं दी उचित अनुमति: सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी साझा करते हुए प्रशासन पर असहयोग का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव को बुलंदशहर में पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने जाना था।
उदयवीर सिंह के अनुसार:
पहली तारीख (22 अगस्त): कार्यकर्ताओं का सम्मेलन पहले 22 अगस्त को होना था, लेकिन जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा का हवाला देकर इसे आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
दूसरी तारीख (11-12 सितंबर): इसके बाद 11 और 12 सितंबर का कार्यक्रम तय किया गया। 11 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस और 12 सितंबर को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होनी थी।
हेलीपैड का विवाद: सपा ने सुरक्षा कारणों से सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘पुलिस लाइन हेलीपैड’ के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी। लेकिन प्रशासन ने 11 सितंबर के लिए अनुमति नहीं दी और 12 सितंबर को एक निजी जमीन पर हेलीपैड बनाने की मंजूरी दी। इसी अनिश्चितता के चलते सपा ने कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला किया।

“विपक्ष के लिए ही मौसम और हेलीपैड क्यों खराब होता है?” – अखिलेश यादव
दौरा रद्द होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रशासन की दलीलों पर सवाल उठाते हुए लिखा:
“बुलन्दशहर में हेलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव नहीं है। केवल ज़बरदस्ती का सीमेंट, गारा और पेवर ब्लाक्स दिखाकर, शासन के गुपचुप निर्देश पर प्रशासन हमारे 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना ढूंढ रहा है। सपा के पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जांच कराकर सत्य सामने रखा जाए।”
अखिलेश यादव ने आगे तंज कसते हुए पूछा कि क्या सड़क मार्ग से आने पर भी सड़कों के खराब होने का बहाना बनाया जाएगा? उन्होंने सवाल किया, “जनता पूछ रही है कि हैलीपैड और मौसम केवल विपक्ष के लिए ही क्यों ख़राब होता है?”
सरकार का पलटवार: “अखिलेश यादव सिर्फ ट्वीट करते हैं, जाना नहीं चाहते”
सपा के इन आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का इरादा बुलंदशहर जाने का था ही नहीं। दया शंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जमीन पर जाने के बजाय केवल सोशल मीडिया (ट्वीट) के जरिए राजनीति करना चाहते हैं।उन्होंने अखिलेश यादव के पिछले एक साल के दौरों का रिकॉर्ड देखने की बात कही।मंत्री ने सुझाव दिया, “अगर सपा प्रमुख वास्तव में बुलंदशहर जाना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकसित किए गए एयरपोर्ट का उपयोग करें और वहां उतरकर सड़क मार्ग से अपने कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें।”
स्थानीय स्तर पर निराशा और राजनीतिक हलचल
इस पूरे विवाद के कारण बुलंदशहर के स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है, जो काफी समय से अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। वहीं, आगामी चुनावों के मद्देनजर इस क्षेत्र में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि सपा इस दौरे के लिए भविष्य में क्या नया कार्यक्रम तय करती है।





