नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, हेमंत को करीब एक महीने पहले एक स्थानीय जिम से उसके अवांछित व्यवहार के चलते बाहर निकाले जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस बनकर दिया वारदात को अंजाम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के दिन तीनों आरोपी सादे कपड़ों में पार्क में पहुंचे थे। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को डराया-धमकाया। आरोपियों ने दोनों को नाबालिग होने का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और किशोरी के दोस्त को थप्पड़ भी मारे।
इसके बाद आरोपियों ने किशोरी को उसके दोस्त से अलग कर पार्क के एक सुनसान हिस्से में खींच लिया। आरोप है कि मुख्य आरोपी आसिफ ने हथियार और चाकू के बल पर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसके दो अन्य साथियों—हेमंत और मुकेश—ने भी इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
जिम में महिलाओं ने की थी शिकायत जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी हेमंत जिस जिम में काम करता था या जाता था, वहां महिलाओं द्वारा उसके व्यवहार को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन शिकायतों के आधार पर ही प्रबंधन ने उसे करीब एक महीने पहले जिम से निकाल दिया था। वर्तमान में पुलिस टीम जिम प्रबंधन से संपर्क कर शिकायतों की प्रकृति, की गई कार्रवाई और उससे जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना का मौजूदा दुष्कर्म मामले से कोई सीधा संबंध है।
साकेत कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा इस सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—आसिफ, हेमंत और मुकेश—को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को सभी आरोपियों को साकेत अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके पुराने रिकॉर्ड की भी गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस मामले में सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके।




