उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, व्यावसायिक और निर्माण निर्यात क्षमता को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रस्तुत करने वाले प्रतिष्ठित ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ (UP International Trade Show 2026) के चौथे संस्करण का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित इस महाकुंभ का उद्घाटन देश के गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया। बीते चार वर्षों से प्रदेश की शान बन चुके इस आयोजन की भव्यता और प्रशासनिक व्यवस्थाएं हर बार की तरह इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहीं, लेकिन इस चमक-धमक के बीच एक ऐसा गंभीर प्रशासनिक विरोधाभास सामने आया जिसने कार्यक्रम के प्रबंधन पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
एक तरफ जहां मुख्य अतिथियों से लेकर विशिष्ट व्यापारियों तक के बैठने की चाक-चौबंद और अद्भुत व्यवस्था थी, वहीं दूसरी तरफ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया के साथ हुआ सुलूक बेहद निराशाजनक रहा। स्थिति यह थी कि जिन मीडियाकर्मियों को महज एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आधिकारिक निमंत्रण भेजकर कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की गई थी, उद्घाटन समारोह में उनके लिए बैठने का कोई आरक्षित ‘मीडिया बॉक्स’ तक नहीं बनाया गया था।
परिणामस्वरूप, शुरुआती दो आरक्षित बॉक्सों के भरने के बाद पीछे बैठे अन्य अतिथियों के बीच मीडियाकर्मियों को बमुश्किल जगह मिल पाई। इस कुप्रबंधन ने कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ‘इंडियन ट्रेड प्रमोशन काउंसिल’ (ITPO) और कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों ने अब पत्रकारों को ‘ग्रांटेड’ (हल्के में) लेना शुरू कर दिया है? क्या उन्हें यह भ्रम हो गया है कि केवल प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर देने भर से अखबारों और चैनलों में खबरें छप जाएंगी, इसलिए आयोजन स्थल पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के मान-सम्मान और स्थान की कोई आवश्यकता नहीं है?
यह सोचना बेहद संकीर्ण और अहसयोगात्मक रवैये को दर्शाता है। यदि उत्तर प्रदेश सरकार के इस अति-महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में ही पत्रकारों और पत्रकारिता के साथ इस प्रकार का उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाएगा, तो यह प्रेस की स्वतंत्रता और उनके श्रम का सीधा अपमान है। यदि आने वाले दिनों में नाराज पत्रकार ऐसे सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार का कड़ा रुख अख्तियार करते हैं, तो इसमें कोई अचंभा नहीं होना चाहिए।
इस पूरे लचर प्रबंधन की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कार्यक्रम का आयोजन कर रहे संबंधित प्राधिकरणों के साथ-साथ IEML के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की बनती है। ट्रेड शो अभी अगले पांच दिनों तक चलना है, और यह सुनिश्चित करना आयोजकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि इस दौरान कवरेज के लिए आने वाले पत्रकारों को उनका बनता पूर्ण सम्मान और उचित स्थान मिले। अन्यथा, यह भव्य आयोजन अपनी उपलब्धियों से ज्यादा लचर व्यवस्था और मीडिया के असंतोष के लिए याद किया जाएगा।




