नॉलेज पार्क स्थित लॉयड बिजनेस स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है। संस्थान पर एक छात्र ने प्रवेश रद्द होने के बावजूद फीस वापस न करने और मानसिक उत्पीड़न (हैरेसमेंट) का गंभीर आरोप लगाया है। परेशान छात्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
छात्र का आरोप: फीस रिफंड के नाम पर दौड़ा रहा कॉलेज
मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले छात्र आदित्य पटेल ने लॉयड बिजनेस स्कूल में प्रवेश लिया था। आदित्य का आरोप है कि कॉलेज ने उनसे 1 लाख रुपये जमा करने को कहा था, जिसे उन्होंने जमा कर दिया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा और पैसों की मांग की जाने लगी।
आदित्य के अनुसार, जब उन्होंने अतिरिक्त पैसे देने से इंकार करते हुए अपना प्रवेश रद्द कर एडमिशन फीस वापस मांगी, तो कॉलेज प्रशासन ने रिफंड देने से साफ मना कर दिया। छात्र का कहना है कि कॉलेज ने उनसे कहा कि संस्थान में फीस रिफंड का नियम नहीं है। बाद में कॉलेज ने उनका प्रवेश तो रद्द कर दिया, लेकिन यह कहकर फीस लौटने से मना कर दिया कि उन्होंने दो दिन कक्षाएं अटेंड की हैं।
पीड़ित छात्र का कहना है कि उसने कॉलेज से एक महीने की फीस काटकर बाकी की बची हुई राशि वापस करने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद उसे लगातार चक्कर कटवाए जा रहे हैं। छात्र का आरोप है कि फीस वापसी के सिलसिले में उसे बार-बार कॉलेज बुलाया जाता है और परेशान किया जा रहा है। न्याय न मिलने पर छात्र ने वीडियो के माध्यम से अपनी बात सोशल मीडिया पर साझा की है और चेतावनी दी है कि यदि उसकी फीस वापस नहीं की गई, तो वह कॉलेज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पूरे मामले पर जब लॉयड बिजनेस स्कूल के प्रबंधन का कहना है कि छात्र के सभी आरोप निराधार हैं। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि छात्र की फीस पहले ही वापस की जा चुकी है।
ग्रेटर नोएडा के कालेजो में आम है ये खेल!
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय स्तर पर शिक्षा संस्थानों में फीस वापसी के नियमों और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस छिड़ गई है। ग्रेटर नोएडा में मौजूद कालेजो में छात्रों के साथ ऐसे मामले नए नहीं है I बीते सप्ताह ही GL Bajaj कॉलेज में MBA छात्रों ने एडमिशन से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, उनका विवाद मुख्य रूप से MBA के छात्रों से जुड़ा है था छात्रों का कहना था कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा कैंपस में एडमिशन के लिए फीस जमा की थी. लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि उनका एडमिशन मथुरा कैंपस से जोड़ा गया है I
छात्रों ने आरोप लगाये थे कि उन्हें ग्रेटर नोएडा में क्लास करने और दूसरी सुविधाएं लेने की बात कही गई, लेकिन परीक्षा के लिए मथुरा जाने का विकल्प दिया गया. छात्रों ने इस व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार किया और ग्रेटर नोएडा कैंपस में ही एडमिशन बनाए रखने की मांग की थी




